कटनी में मनाया गया शौर्य दिवस : अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुँवर रघुनाथ शाह को दी श्रद्धांजलि
कटनी, 18 सितंबर 2025। 1857 की आज़ादी की लड़ाई के महानायक और बलिदानी वीर राजा शंकर शाह एवं कुँवर रघुनाथ शाह की शहादत की स्मृति में ढीमरखेड़ा के मंगल भवन में शौर्य दिवस एवं सामाजिक समानता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, समाजसेवी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित हुए।
समारोह की शुरुआत शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण एवं सामाजिक एकता के संकल्प के साथ हुई। आयोजन की अगुवाई डॉ. बी.के. पटेल, सुभाष पटेल, ऋषिराम पटेल, संतराम पटेल, विजय चौधरी, सुरेश कोल, अतुल चौधरी, ओमकार चौधरी और इन्द्रजीत लोधी सहित कई समाजसेवियों ने की।

मुख्य अतिथि अपना दल (एस) के राष्ट्रीय महासचिव श्री आर.बी. सिंह पटेल ने अपने संबोधन में कहा—"राजा शंकर शाह और कुँवर रघुनाथ शाह का बलिदान हम सबके लिए प्रेरणा है। उन्होंने हमें यह सिखाया कि राष्ट्र और समाज के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना ही सच्ची देशभक्ति है। आदिवासी समाज के अनेक वीरों ने अंग्रेजों और आक्रांताओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी, जिनमें भगवान बिरसा मुंडा का नाम भी अग्रणी है। लेकिन आज भी आदिवासी और वनवासी समाज शिक्षा और संसाधनों से वंचित हैं तथा आजीविका के लिए जल, जंगल और जमीन पर निर्भर हैं। सरकारों ने इनका इस्तेमाल वोट के लिए किया, पर इनके विकास की उपेक्षा की।
उन्होंने आगे कहा कि अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने संसद में जातीय जनगणना का मुद्दा उठाकर सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने यह भी दोहराया कि आबादी के अनुपात में सभी समाजों को सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण लागू करने, ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर स्थायी नियुक्तियों की व्यवस्था करने और रिक्त पदों पर भर्ती सुनिश्चित करने की मांग पार्टी की प्राथमिकता है।

मुख्य वक्ता इंजी. सत्यप्रकाश कुरील (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी/एसटी मंच, अपना दल एस) ने कहा 1857 की क्रांति केवल स्वतंत्रता संग्राम नहीं थी, बल्कि सामाजिक समानता और न्याय की भी लड़ाई थी। आज हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में भाईचारा और एकजुटता कायम करनी चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अशोक विश्वकर्मा (उपाध्यक्ष, जिला पंचायत कटनी) ने कहा कि इतिहास के वीरों को याद कर नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। इस आयोजन में जितेन्द्र पटेल, जगदीश पटेल, महेन्द्र लोधी, रामाधार पटेल और प्रकाश पटेल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
