दीपावली पर शेमारू टीवी की खास पेशकश ‘शेमारू दीपोत्सव’, त्योहारों से जुड़ी अनसुनी कहानियों से रूबरू होंगे दर्शक
मुंबई, नवंबर 2026। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने, मिठाइयां बांटने और खुशियां मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़ी प्रेरक कहानियों को याद करने का भी समय है। इसी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शेमारू टीवी इस बार ‘शेमारू दीपोत्सव-हर उत्सव की कहानी’ नाम से एक विशेष कार्यक्रम लेकर आ रहा है।
इस चार कड़ियों की विशेष श्रृंखला में अभिनेत्री रागिनी चौबे भारतीय त्योहारों से जुड़ी उन धार्मिक और पौराणिक कथाओं को प्रस्तुत करेंगी, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ‘देवों के देव महादेव’ धारावाहिक में देवी लक्ष्मी की भूमिका निभाकर पहचान बनाने वाली रागिनी चौबे दर्शकों को धनतेरस से लेकर भाई दूज तक मनाए जाने वाले पर्वों के धार्मिक महत्व और उनसे जुड़ी रोचक मान्यताओं से परिचित कराएंगी।
कार्यक्रम में बताया जाएगा कि धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा क्यों की जाती है और यम दीपदान की परंपरा का क्या महत्व है। दीपावली के अवसर पर भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी तथा लक्ष्मी-गणेश पूजन से जुड़ी कथाओं को भी रोचक अंदाज में पेश किया जाएगा। वहीं, गोवर्धन पूजा के प्रसंग के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण का अहंकार त्यागने और सच्ची आस्था का संदेश दिया जाएगा। भाई दूज की कड़ी में यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ी पौराणिक कथा दर्शकों के सामने आएगी।
इस पहल के माध्यम से शेमारू टीवी का प्रयास है कि मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जानकारी भी परिवारों तक पहुंचे। आज के व्यस्त जीवन में जहां पारंपरिक किस्से-कहानियां धीरे-धीरे पीछे छूटते जा रहे हैं, वहीं यह श्रृंखला बच्चों और बड़ों को एक साथ बैठकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और साझा करने का अवसर प्रदान करेगी।
कार्यक्रम को लेकर अभिनेत्री रागिनी चौबे ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देवी लक्ष्मी का किरदार निभाने के बाद से ही पौराणिक कथाओं और धार्मिक परंपराओं के प्रति उनका विशेष लगाव रहा है। इस श्रृंखला के जरिए वह चाहती हैं कि परिवारों में एक बार फिर साथ बैठकर कहानियां सुनने और सुनाने की परंपरा जीवंत हो। उनके अनुसार, ऐसी कहानियां बच्चों के मन में जिज्ञासा पैदा करती हैं और माता-पिता तथा दादा-दादी को अपने अनुभव और पुरानी कथाएं अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर देती हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं से जुड़ी ये कहानियां केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रेम, आस्था, कृतज्ञता, आपसी सम्मान और पारिवारिक एकता जैसे जीवन मूल्यों की भी सीख देती हैं। इन कथाओं के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को संस्कृति और संस्कारों की विरासत सौंपना बेहद महत्वपूर्ण है।
कब और कहां देखें कार्यक्रम?
‘शेमारू दीपोत्सव-हर उत्सव की कहानी’ की चार विशेष कड़ियों का प्रसारण 6, 8, 10 और 11 नवंबर 2026 को रात 9 बजे शेमारू टीवी पर किया जाएगा। इसके अलावा, दर्शक इस श्रृंखला की सभी कड़ियां शेमारू के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी देख सकेंगे।
