अभ्युदय मध्य प्रदेश के शिल्पी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन से विकास की नई ऊंचाइयों पर प्रदेश
लेखक: चैतन्य कुमार काश्यप (मंत्री, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME), मध्य प्रदेश) भोपाल | 25 मार्च 2026
आज मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपना 61वां जन्मदिवस मना रहे हैं। एक उच्च शिक्षित, संवेदनशील और ओजस्वी व्यक्तित्व के धनी डॉ. यादव ने अपने अल्प कार्यकाल में ही अपनी क्रांतिकारी सोच और दृढ़ निर्णयों से 'अभ्युदय मध्य प्रदेश' के सपने को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। उज्जैन के एक साधारण परिवार से निकलकर सत्ता के शीर्ष तक पहुँचने का उनका सफर परिश्रम और वैचारिक प्रतिबद्धता की अनूठी दास्तां है।
विकसित मध्य प्रदेश 2047: एक दूरदर्शी रोडमैप
मुख्यमंत्री का मुख्य विजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प में मध्य प्रदेश का अधिकतम योगदान सुनिश्चित करना है। इसके लिए उन्होंने 'विकसित मध्य प्रदेश 2047 विजन डॉक्यूमेंट' तैयार किया है।
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विशेष वर्ष: उन्होंने रणनीतिक रूप से वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' और वर्ष 2026 को 'कृषि वर्ष' घोषित किया है।
औद्योगिक क्रांति: निवेश से रोजगार तक
डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों में अभूतपूर्व तेजी आई है:
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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS): भोपाल में आयोजित समिट में 30.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से 8.57 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं।
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रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (RIC): विकास को बड़े शहरों से निकालकर तहसील स्तर तक ले जाने के लिए उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा और नर्मदापुरम सहित सात संभागों में सफल कॉन्क्लेव का नवाचार किया गया।
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एमएसएमई को बढ़ावा: भू-आवंटन प्रक्रिया को फेसलेस और ऑनलाइन बनाया गया है। पिछले 2 वर्षों में 4065 इकाइयों को 2780.44 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता सीधे ऑनलाइन प्रदान की गई है।
प्रमुख औद्योगिक परियोजनाएं
प्रदेश में 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:
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धार: पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क (मध्य प्रदेश को 'कॉटन कैपिटल ऑफ इंडिया' का दर्जा दिलाने में सहायक)।
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उज्जैन: मेडिकल डिवाइस पार्क।
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रतलाम: मेगा इंडस्ट्रियल पार्क।
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नर्मदापुरम: नवकरणीय ऊर्जा उपकरण विनिर्माण क्षेत्र।
कृषि: समृद्धि का आधार
मुख्यमंत्री का मानना है कि पानी ही आधुनिक युग का 'पारस पत्थर' है। उन्होंने हर खेत तक पानी पहुँचाने के लिए केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल और ताप्ती बेसिन जैसी अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजनाओं को गति दी है। 2026 को 'कृषि वर्ष' मनाते हुए किसानों को समर्थन मूल्य पर बोनस और भावांतर योजना के जरिए उनकी आय दोगुनी करने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक जड़ों के संतुलन का प्रतीक है। उनके मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश संतुलित और समग्र विकास के पथ पर अग्रसर है। आज उनके जन्मदिवस पर पूरा प्रदेश उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करता है, ताकि उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर सके।

