शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ की प्राथमिकता – बच्चों की शिक्षा और गुरु रविदास जी के विचारों का प्रसार : सुरजीत कुमार, राष्ट्रीय अध्यक्ष
Shiromani Guru Ravidas Vishwa Mahapeeth's priority is education of children and propagation of Guru Ravidas's thoughts: Surjeet Kumar, National President
Fri, 19 Sep 2025
करनाल। सतगुरु रविदास जागृति मिशन के तत्वावधान में गुरु रविदास सरोवर का वार्षिक उत्सव बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। देशभर से पहुँची साध-संगत ने इस अवसर पर एकजुट होकर भक्ति और एकता का संदेश दिया।
समारोह में विशेष रूप से शामिल हुए केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया और अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष विजेंद्र बढ़गुजर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और एकता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गुरु रविदास सरोवर और छात्रावास का कार्य सरकार के सहयोग से शीघ्र पूरा किया जाएगा।
असंध विधायक योगेंद्र राणा ने साध-संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने सत्य, समानता और भाईचारे का जो मार्ग दिखाया है, वही समाज की प्रगति का आधार है। उन्होंने घोषणा की कि सरोवर परिसर में एक भव्य घाट का निर्माण किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक सुविधाएँ मिलेंगी और यह स्थान ऐतिहासिक स्वरूप धारण करेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत सिंह ने कहा कि समाज को नई दिशा तभी दी जा सकती है, जब हम सब एकता और सहयोग की भावना से जुड़े रहें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महापीठ सरोवर के विकास में हरसंभव योगदान देगा।
मिशन संस्थापक सुनील दास ने अपने प्रवचन में कहा कि “इंसान-इंसान सब एक समान हैं, परमात्मा की जोत सबमें विद्यमान है।” उन्होंने गुरु रविदास जी की वाणी का उल्लेख करते हुए संगत को प्रेरित किया कि सत्य के मार्ग से कभी विचलित न हों और बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं।
समागम में देशभर से पधारे संत-महापुरुषों में संत धनपत दास (आश्रम छापर), संत सतनाम दास (आश्रम बेगमपुरा), श्री सतगुरु साहेब प्रेम दास (मूनक), संत धूनी दास, संत सुरेंद्र दास (सरपंली खेड़ी), संत सतीश दास सहित अनेक संतों ने सत्संग के माध्यम से संगत को आशीष प्रदान किया।
इस मौके पर कई प्रतिष्ठित सामाजिक व प्रशासनिक हस्तियाँ भी उपस्थित रहीं जिनमें पूर्व सचिव आईएएस मेहर सिंह चालिया, डॉ. बलदेव कपूर सिंह, मिशनरी गायक ज्ञानी राजेंद्र मेहरा, बी.एस. जुड़ला, अशोक भौरिया, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र मुंडे, डॉ. रमेश पोड़िया, राम चौहान, संजय भोला, सतीश जानी, सलिंद्र मदान, अजय बटोही, राजबीर धनिया, दिलबाग, विनोद बटोही, सतीश मदान, सुरेश भोला, दीप भोला, प्रिंस मदान, गौरव धनिया, सचिव राजेश पाढा, नीतू भोला, दीपु भोला, कृष्ण धनिया, रघुबीर भोला सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
यह वार्षिक उत्सव साध-संगत के लिए न केवल आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बना बल्कि शिक्षा, सामाजिक एकता और समाज उत्थान का भी सशक्त संदेश लेकर आया। यह आयोजन इस तथ्य का प्रमाण है कि सतगुरु रविदास जी की वाणी आज भी समाज को जोड़ने और आगे बढ़ने की राह दिखा रही है।
