शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ उत्तर प्रदेश दुष्यंत गौतम के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़ी
किशनलाल सिंह ने कहा कि बिना किसी ठोस साक्ष्य के प्रदर्शन कर दुष्यंत गौतम और उनके अनुयायियों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। देश की बेटी अंकिता हत्याकांड जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना को आधार बनाकर एक झूठा प्रपंच रचा गया है, जबकि यह सर्वविदित है कि घटना के समय दुष्यंत कुमार गौतम तथा भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता वहां उपस्थित ही नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें और अन्य बड़े नेताओं को राजनीतिक दुर्भावना से घसीटा जा रहा है, जो पूर्णतः अनुचित है।
उन्होंने कहा कि यह प्रयास केवल दुष्यंत गौतम को बदनाम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से रविदासी समाज को भी लांछित करने का प्रयास किया जा रहा है। भारतीय समाज में रविदासी समाज का एक सम्मानित और गौरवशाली स्थान है। दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने राजनीतिक जीवन के साथ-साथ गुरु रविदास समाज को संगठित कर उसे एक सशक्त सामाजिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
किशनलाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में गठित प्रदेश इकाई के माध्यम से पश्चिम उत्तर प्रदेश के हापुड़, मेरठ, अवध क्षेत्र के अयोध्या, काशी (वाराणसी) सहित विभिन्न क्षेत्रों में रविदास समाज को संगठित कर गुरु रविदास जन्मस्थली पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। आज शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ पूरे भारत में गठित हो चुकी है।
उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड में नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया है तथा सनातन संस्कृति की महत्वपूर्ण संस्था अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र गिरी महाराज द्वारा धार्मिक स्तर पर रविदास समाज के अखाड़े को मान्यता देने की घोषणा की गई है। इसी से घबराकर स्वार्थी राजनीतिक तत्वों और कांग्रेसी योजनाकारों ने दलित विरोधी मानसिकता का परिचय देते हुए प्रदर्शन किए और भाजपा के उत्तराखंड नेतृत्व के साथ-साथ दुष्यंत कुमार गौतम को बदनाम करने का प्रयास किया।
किशनलाल सिंह ने दो टूक कहा कि रविदास समाज इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार जिन तिथियों का उल्लेख किया जा रहा है, उन दिनों दुष्यंत कुमार गौतम संबंधित स्थान पर मौजूद ही नहीं थे।उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि सम्पूर्ण रविदास समाज पूरी मजबूती से दुष्यंत कुमार गौतम के साथ खड़ा है और किसी भी प्रकार की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
