शिव सत्संग मण्डल का आध्यात्मिक अभियान लोगों को ऋषि परंपरा के ज्ञान ध्यान का सन्देश देता है: आचार्य अशोक

The spiritual campaign of Shiv Satsang Mandal gives the message of knowledge and meditation of the Rishi tradition to the people: Acharya Ashok
The spiritual campaign of Shiv Satsang Mandal gives the message of knowledge and meditation of the Rishi tradition to the people: Acharya Ashok
हरदोई(अंबरीष कुमार सक्सेना)  सनातन धर्म ही विश्व की सबसे बड़ी उपलब्धि है।शिव सत्संग मण्डल का आध्यात्मिक अभियान लोगों को ऋषि परंपरा के ज्ञान ध्यान का सन्देश देता है। यह बात शिव सत्संग मण्डल के मण्डल अध्यक्ष आचार्य अशोक  ने मण्डल के हुसैनापुर धौकल स्थित आश्रम पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ऋषि पर्व में कही।उन्होंने कहा कि ध्यान योग की सही व्याख्या और इससे प्राप्त अंतःकरण की शक्ति , शांति,एवं मस्तिष्क का परिमार्जन आदि की स्व अनुभूति करना है।


 उन्होंने कहा कि जीवन में ध्यान से हुए सकारात्मक एवं आनंददायक परिवर्तन के अनुभव को सभी ने साझा किया।उनका कहना था कि ध्यान से जनमानस को सही दिशा मिलती है।उन्होंने बताया कि ऋषियों के ज्ञान के आधार पर ही भारत ने अखिल विश्व का मार्गदर्शन किया।यहाँ के संतो , महापुरुषों की ज्ञान विज्ञान से युक्त शिक्षा की बजह से ही ,पूरी दुनिया की प्रतिभाएं ज्ञान सम्वर्धन हेतु भारत की ओर खिंची चली आती हैं।

राष्ट्रीय महामंत्री त्रिपुरेश पांडेय ने कहा कि संत कृष्ण कन्हैया एवं संत श्रीपाल के प्रयासों से समाज को ध्यान भजन के लिए प्रेरित करना संभव हुआ। धर्म अध्यात्म से गाँव गाँव का जागरण करने से लोगों में भक्ति और सद्भावना उत्पन्न हुई।
लखनऊ के अध्यक्ष राजेश पांडेय ने कहा कि शिव सत्संग मण्डल का अभियान एक दिव्य आध्यात्मिक अभियान है।धरती पर जितनी समस्याएं हैं , उनका अगर कोई समाधान है तो यही अध्यात्म है।पूरी दुनिया एक परिवार के बोध के साथ एकता के सूत्र में जुड़े , यही मण्डल का ध्येय है।

लखीमपुर के जिलाध्यक्ष बाबू जमुना प्रसाद ने कि शिव सत्संग मण्डल के संस्थापक कृष्ण कन्हैया बाबूजी ने शिव उपासना का मार्ग दिखाकर समाज को लोक कल्याण से जोड़ा। शाहजहाँपुर के जिलाध्यक्ष डॉ कालिका प्रसाद ने बताया कि शिव सत्संग मण्डल को आगे बढ़ाने और साधकों को ध्यान भजन से जोड़ने का अद्भुत कार्य संत श्रीपाल ने किया। इसके अलावा व्यवस्थापक यमुना प्रसाद ने सत्संग की महिमा, डॉ संदीप कुमार चौरसिया ने जीवन दर्शन एवं अध्यात्मिक उन्नति, बहन सुदामा देवी ने प्रकाश स्वरूप से ध्यान करने, शिव नाम से जप, एवं सुबह शाम प्रार्थना करने से लाभ गिनाये।योग प्रशिक्षक राज किशोर चौरसिया ने योग और अध्यात्म के सद्विचारों पर प्रकाश डाला। इंस्पेक्टर सोन पाल, नन्हें लाल, व रामौतर आदि ने दान व सेवा का महत्व बताया। 

इस सत्संग सभा का शुभारम्भ राष्ट्रीय महामंत्री त्रिपुरेश पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर, बहन प्रतिज्ञा ने सामूहिक ईश प्रार्थना से किया।कार्यक्रम में हुसेनापुर धौकल के पूर्व प्रधान स्वर्गीय हरिकरण की धर्म पत्नी देविका को इलाहाबाद विश्व विद्यालय की प्रोफेसर डॉ रेनु एवं सुदामा देवी के कर कमलों से अंग वस्त्र प्रदान कर एवं माला पहनाकर सम्मानित किया गया। अंबरीष कुमार सक्सेना एवं रवि वर्मा के संयुक्त संचालन में हुए इस धार्मिक आयोजन में  नेहा, नव्या, शिवा, शिव महिमा, प्रांशि, आकांक्षा, शिवम, कोमल, सुनैना, सौम्य, धनीराम, योग प्रशिक्षक सत्यम सक्सेना, श्री कृष्ण, रामचंद्र, रोहित वर्मा आदि ने प्रेरणादाई भजन सुनाए।

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