लखनऊ में 4 अक्टूबर से श्रीमद्भागवत राधारमण कथा, पुंडरीक गोस्वामी करेंगे कथा वाचन
लखनऊ। श्री राधारमण सेवा समिति के तत्वावधान में राजधानी लखनऊ में 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का आयोजन डी.ए.वी. कॉलेज, पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग, ऐशबाग, लखनऊ में होगा। कथा का वाचन वृंदावन धाम के परम पूज्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज द्वारा किया जाएगा।
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि परम पूज्य श्री मनमाधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज की कथा का लखनऊ में यह दूसरा आयोजन है। 4 से 9 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक कथा होगी, जबकि 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा के समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन भी होगा।
शुभारंभ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक रहेंगे मौजूद
आयोजक के अनुसार, कथा के शुभारंभ दिवस 4 अक्टूबर 2026 को मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं श्री राधा रमण सेवा समिति के संरक्षक श्री ब्रजेश पाठक की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
गौड़ीय वैष्णव परंपरा से जुड़े हैं पुंडरीक गोस्वामी
श्री मनमाधव गौड़ेश्वर वैष्णव आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज वृंदावन की गौड़ीय वैष्णव परंपरा से जुड़े आध्यात्मिक वक्ता और भागवत कथावाचक हैं। आयोजकों के अनुसार, उनका जन्म 20 जुलाई 1988 को वृंदावन में हुआ। वे संत श्री अतुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के पौत्र तथा भागवत वक्ता श्रीभूति कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के सुपुत्र हैं।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक शिक्षा प्राप्त की तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से उच्च शिक्षा हासिल की है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय शास्त्रों, श्रीमद्भागवत और गौड़ीय वैष्णव दर्शन का अध्ययन किया है।
श्री पुंडरीक गोस्वामी जी श्रीमद्भागवत, श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीराम कथा और श्री चैतन्य चरितामृत पर आध्यात्मिक प्रवचनों के लिए जाने जाते हैं। आयोजकों के मुताबिक, उन्होंने बाल्यावस्था से ही कथा एवं आध्यात्मिक प्रवचन शुरू किए और युवाओं को भारतीय संस्कृति, भक्ति तथा आध्यात्मिक जीवन से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कार्य किया है।
आयोजकों के अनुसार, वे श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी की परंपरा से संबंधित हैं और गौड़ीय वैष्णव परंपरा में 38वें आचार्य के रूप में वर्णित किए जाते हैं। उनके प्रवचनों में भक्ति, संस्कार, आध्यात्मिक चिंतन और आधुनिक जीवन के बीच संतुलन पर विशेष जोर दिया जाता है।
श्रद्धालुओं के लिए पंडाल, व्हीलचेयर और पार्किंग की व्यवस्था
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आयोजन स्थल पर पंडाल तैयार किया गया है। इसमें श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है।
असहाय, बुजुर्ग और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए कार्यक्रम स्थल पर व्हीलचेयर की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए डी.ए.वी. कॉलेज परिसर के अंदर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित न हो और जाम की स्थिति न बने, इसके लिए सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं से अपने वाहन निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़े करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।
सपरिवार कथा में पहुंचने की अपील
आयोजक अमरनाथ मिश्र ने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने का आग्रह किया है।कार्यक्रम के आयोजक एवं यजमानों में अमरनाथ मिश्र, राजेंद्र कुमार अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, मुन्ना भैया (आर.आर. ग्रुप), समीर मित्तल, नवीन गुप्ता, रोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अनुराग मिश्रा, आनंद रस्तोगी और शिवम अग्रवाल शामिल हैं।आयोजक मंडल में सुनील कुमार मिश्रा, मनोज राय, कुश मिश्रा, साकेत शर्मा और दिव्यांशु शुक्ला (हनी) शामिल हैं।
