सिक्किम हादसे में लापता नवविवाहित जोड़े की सलामती के लिए परिवार कर रहा महामृत्युंजय जाप, 10 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग
परिवार को जिंदा लौटने की आस
कौशलेंद्र के चाचा प्रमोद सिंह ने भावुक होकर कहा, "कई बार ऐसा होता है कि हादसे में गाड़ी बहाव के साथ नीचे गिर जाए और उसमें सवार लोग किसी तरह बाहर निकल जाएं। हो सकता है कोई स्थानीय व्यक्ति उन्हें इलाज के लिए ले गया हो। अब तो ईश्वर से यही प्रार्थना है कि आज नहीं, तो कुछ दिनों बाद ही सही, दोनों सुरक्षित लौट आएं।"
महामृत्युंजय जाप से उम्मीद की लौ
प्रतापगढ़ स्थित उनके घर में अब महामृत्युंजय जाप किया जा रहा है। परिजन दिन-रात पूजा-पाठ में लगे हुए हैं। माता-पिता हर पल बेटे और बहू के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं। 10 दिनों तक सिक्किम में प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर तलाशी अभियान चलाने के बाद, अब परिवार मायूस होकर वापस लौट आया है, लेकिन उनकी उम्मीदें अब भी कायम हैं।
स्थानीय प्रशासन और बचाव कार्य
स्थानीय प्रशासन द्वारा गहन तलाशी अभियान चलाया गया था। हालांकि, नदी के तेज बहाव और दुर्गम इलाके के कारण अब तक लापता लोगों तक पहुंच बनाना मुश्किल साबित हो रहा है। अब प्रशासन द्वारा तलाशी का दायरा और बढ़ाया गया है।
