एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन में बापू को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि; वाद-विवाद प्रतियोगिता के जरिए जीवंत हुए गांधीवादी विचार
मौन प्रार्थना और पुष्पांजलि से हुई शुरुआत
श्रद्धांजलि सभा का प्रारंभ दो मिनट के मौन के साथ हुआ, जिसमें राष्ट्रपिता के बलिदान को याद किया गया। इसके उपरांत, गांधीजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और छात्रों ने गांधीजी के कालजयी संदेशों—सामाजिक समरसता, आत्मानुशासन और नैतिक जीवन—पर अपने विचार साझा किए, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।
"चरित्र निर्माण ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य": मनीष सिंह
संस्थान के निदेशक श्री मनीष सिंह ने इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए एक प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा:महात्मा गांधी का जीवन हमें सिखाता है कि वास्तविक शक्ति सत्य और अहिंसा में निहित है। आज के आधुनिक युग में छात्रों को गांधीवादी मूल्यों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर अपने आचरण में ढालना चाहिए। हमारा उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है जो राष्ट्र के विकास में नैतिक रूप से योगदान दें।"
अंतर-शाखा वाद-विवाद प्रतियोगिता का आकर्षण
शहादत दिवस को रचनात्मक रूप देने के लिए एक भव्य अंतर-शाखा अंग्रेजी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न शाखाओं के मेधावी छात्रों ने निम्नलिखित विषयों पर अपनी तार्किक क्षमता का प्रदर्शन किया:
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गांधी दर्शन की प्रासंगिकता
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लोकतंत्र और नैतिक मूल्य
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सामाजिक उत्तरदायित्व और युवा
प्रतिभागियों के आत्मविश्वास और उत्कृष्ट संप्रेषण कौशल ने निर्णायक मंडल को बेहद प्रभावित किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
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श्रद्धांजलि: बापू के शहादत दिवस पर मौन और पुष्पांजलि अर्पित की गई।
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शिक्षा का उद्देश्य: बौद्धिक विकास के साथ नैतिक मूल्यों के समन्वय पर जोर।
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बौद्धिक मंथन: वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से गांधीवादी विचारधारा पर चर्चा।
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आयोजक: एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन (सभी शाखाएं)।
