स्किल्ड मैनपावर से मिलेगी उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को रफ्तार

Skilled manpower will accelerate the industrial development of Uttar Pradesh.
 
Skilled manpower will accelerate the industrial development of Uttar Pradesh.

लखनऊ | 27 जनवरी, 2026:  इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 23 से 27 जनवरी तक आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो (UPITEX) 2026 का समापन उत्तर प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के संकल्प के साथ हुआ। एक्सपो के अंतिम दिन कौशल विकास, उद्योगों की आवश्यकता और रोजगार सृजन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।

आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष एक्सपो में 1.50 लाख से अधिक विजिटर्स ने सहभागिता की, जबकि लगभग 425 करोड़ रुपये की बिज़नेस इंक्वायरी दर्ज की गई। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने विभिन्न राज्यों के पारंपरिक उत्पादों की जानकारी ली और देशभर के लज़ीज़ व्यंजनों का स्वाद भी चखा।

स्किलिंग उत्तर प्रदेश फॉर ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस’ पर कॉन्फ्रेंस

एक्सपो के आखिरी दिन ‘स्किलिंग उत्तर प्रदेश फॉर ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस’ विषय पर एक विशेष कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें प्रशासन, उद्योग और शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों ने युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की रणनीतियों पर चर्चा की।

कॉन्फ्रेंस में प्रमुख रूप से

  • डॉ. हरि ओम, आईएएस, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, वोकेशनल एजुकेशन एंड स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, उत्तर प्रदेश सरकार

  • श्री पुलकित खरे, आईएएस, मिशन डायरेक्टर, उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन (UPSDM)

  • श्रीमती प्रिया सिंह, पीसीएस, एडिशनल मिशन डायरेक्टर, यूपीएसडीएम

  • श्री मयंक गंगवार, ज्वाइंट डायरेक्टर, यूपीएसडीएम

  • श्री अजय जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, माइक्रोलिट

  • श्रीमती कविता निगम, चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर, करम सेफ्टी प्राइवेट लिमिटेड

  • डॉ. लता बाजपेयी सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर, यूनिवर्सिटी प्लेसमेंट सेल, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय

  • श्री कौशिक फुलोरिया, डेप्युटी रेज़िडेंट डायरेक्टर, PHDCCI यूपी स्टेट चैप्टर
    उपस्थित रहे।

युवाओं को खुद से सवाल पूछना होगा – डॉ. हरि ओम

कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. हरि ओम ने कहा कि भारत एक बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, लेकिन तेज़ी से बढ़ती आबादी के अनुपात में विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा,हमारे युवाओं को खुद से यह सवाल पूछना होगा कि इतनी बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद हम आज भी विकासशील देशों की श्रेणी में क्यों हैं। देश की युवा शक्ति ही भारत को विकसित राष्ट्र बना सकती है।”

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि केवल ज्ञान से करियर में आगे नहीं बढ़ा जा सकता, इसके लिए विशेष कौशल (स्किल) आवश्यक है। साथ ही उद्योगों से अपील की कि वे सरकार के सहयोग से अपने वर्कप्लेस पर ही युवाओं को प्रशिक्षण दें, क्योंकि समय के साथ स्किल्ड मैनपावर नहीं मिलने पर उद्योगों का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता है।

निशुल्क स्किल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री पार्टनरशिप – पुलकित खरे

यूपीएसडीएम के मिशन डायरेक्टर श्री पुलकित खरे ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत युवाओं को ऑनलाइन और ऑफलाइन, पूरी तरह निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है।उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सरकार प्रमाण पत्र प्रदान करती है, जिससे युवा रोजगार मेलों में भाग ले सकते हैं।उन्होंने उद्योगों से आह्वान किया कि वे यूपीएसडीएम के साथ इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग पार्टनर बनें। सरकार प्रशिक्षण की लागत रीइंबर्स करती है, बशर्ते 80 प्रतिशत प्रशिक्षुओं का प्लेसमेंट सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने युवाओं को सॉफ्ट स्किल्स और एआई के उपयोग पर भी ध्यान देने की सलाह दी।

इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक खुद को तैयार करें – कविता निगम

श्रीमती कविता निगम ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा किइंडस्ट्री आपको तभी अवसर देगी, जब आप उसकी ज़रूरत के मुताबिक स्किल सीखेंगे। अपने आप को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करना ही सफलता की कुंजी है।”

मध्य प्रदेश के मिलेट्स और लज़ीज़ व्यंजनों ने लूटी महफिल

एक्सपो में लखनऊ के प्रसिद्ध कबाब, कोरमा और निहारी के साथ-साथ राजस्थानी थाली, दाल बाटी चूरमा और जोधपुरी मिर्च वड़ा दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहे।वहीं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा एमएसएमई के तहत मिलेट्स को बढ़ावा दिए जाने की झलक भी एक्सपो में देखने को मिली।भोपाल से आए रमन ग्रीन्स के ओनर संतोष चौबे ने 23 प्रकार की मिलेट कुकीज़ और स्नैक्स प्रदर्शित किए, जबकि इंदौर से आए बनानीफाई के फाउंडर ऋषित अग्रवाल ने कच्चे केले के पाउडर से बने पोषण उत्पादों की जानकारी दी।

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