SMS Lucknow: तीन बार 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में नाम दर्ज करा चुके एसएमएस लखनऊ में विश्व पर्यावरण दिवस पर महा-मंथन
लखनऊ, 05 जून 2026:
विश्व पर्यावरण दिवस के विशेष अवसर पर राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित संस्थान स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS) में एक विशेष व्याख्यान एवं पर्यावरण जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह कार्यक्रम वैश्विक थीम “Inspired by Nature: For Climate, For Our Future” (प्रकृति से प्रेरित: जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए) के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति से सीख लेकर भावी पीढ़ी के कल को सुरक्षित बनाना था।
ग्लेशियरों का पिघलना और हीटवेव मानवता के लिए खतरे की घंटी" — प्रो. भरत राज सिंह
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और देश के प्रख्यात पर्यावरणविद् प्रो. भरत राज सिंह (महानिदेशक-तकनीकी, एसएमएस लखनऊ) ने वर्तमान में पृथ्वी पर मंडरा रहे पर्यावरणीय संकटों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा:
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बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं: वनों की अंधाधुंध कटाई और हाइड्रोकार्बन ईंधनों (पेट्रोल-डीजल) के अत्यधिक इस्तेमाल से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। चक्रवात, सुनामी और पर्वतीय क्षेत्रों का असंतुलन पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है।
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मौसम का बदलता मिजाज: इसी का नतीजा है कि आज हम भीषण गर्मी (हीटवेव), असमय और अनियंत्रित भारी बारिश, तथा धूल भरी आंधियों का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति मानव जीवन और जैव विविधता (Biodiversity) दोनों के अस्तित्व के लिए एक बड़ा खतरा है।
100% ग्रीन कैंपस: एसएमएस लखनऊ के नाम हैं 3 लिम्का रिकॉर्ड्स
प्रो. भरत राज सिंह ने गर्व व्यक्त करते हुए बताया कि एसएमएस संस्थान केवल बातों में नहीं, बल्कि धरातल पर प्रकृति संरक्षण के लिए काम करता है।कॉलेज ने अपने परिसर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान, रूफटॉप सोलर ऊर्जा प्रणाली के जरिए 100 प्रतिशत हरित परिसर (Green Campus) की स्थापना, कुशल कचरा प्रबंधन (Waste Management) और भूजल पुनर्भरण (Rainwater Harvesting) जैसी प्रणालियां लागू की हैं। इन अद्वितीय और सतत प्रयासों के लिए संस्थान का नाम तीन बार 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया जा चुका है।
प्रदूषण-मुक्त वायु और नवाचार पर रहेगा जोर — शरद सिंह (CEO)
संस्थान के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री शरद सिंह ने कॉलेज के भविष्य के विजन को साझा किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संस्थान का पूरा ध्यान ऐसे शोध (Research) और नवाचारों (Innovation) पर होगा, जो समाज को प्रदूषण-मुक्त हवा और एक स्वस्थ जीवन दे सकें।
वहीं, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने दोटूक कहा कि प्रकृति को बचाना हमारे पास कोई ऑप्शन या विकल्प नहीं है, बल्कि यह मानव जाति के जिंदा रहने की सबसे पहली जरूरत है।
विद्यार्थियों से 'एक पौधा' गोद लेने की अपील
डीन–छात्र कल्याण डॉ. पी. के. सिंह ने छात्र-छात्राओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि पेड़ ही हमारे फेफड़ों को शुद्ध हवा देते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी पूरी जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
सामूहिक संकल्प के साथ हुआ समापन
इस संगोष्ठी के अंत में डॉ. अमर जीत सिंह, डॉ. कमलेश सिंह, डॉ. आशा कुल्श्रेष्ठ, डॉ. नियति गौर, डॉ. अरुणेश कुमार, सुनीत मिश्र और अनूप सिंह सहित उपस्थित सभी प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और छात्रों ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने और सतत विकास (Sustainable Development) के प्रति मिलकर काम करने की सामूहिक शपथ ली।
