एसएमएस लखनऊ में ‘SMS Sansad 2026’ का सफल आयोजन, 30 से अधिक टीमों ने शिक्षा और कौशल विकास पर रखे विचार

डिग्री, कौशल और भारत के कार्यबल का भविष्य’ विषय पर हुई संसदीय बहस, विजेता टीमों को ₹10,000 तक के नकद पुरस्कार

 
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लखनऊ, 14 अक्टूबर 2026। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), लखनऊ ने अपने सुल्तानपुर रोड स्थित परिसर में वार्षिक मॉक संसदीय कार्यक्रम के तीसरे संस्करण ‘SMS Sansad 2026’ का सफल आयोजन किया। नैक से ‘A+’ ग्रेड प्राप्त संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “ब्रिजिंग द गैप: डिग्री, स्किल्स एंड फ्यूचर ऑफ इंडियाज वर्कफोर्स” रहा। इसमें विद्यार्थियों ने शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और भारत के कार्यबल के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रो. अभिषेक मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर एसएमएस लखनऊ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव श्री शरद सिंह तथा निदेशक प्रो. (डॉ.) आशीष भटनागर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

प्रतियोगिता में लखनऊ सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की 30 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने शोध-आधारित तर्कों, प्रभावशाली वक्तृत्व कला और उत्साहपूर्ण प्रश्नकाल के माध्यम से संसदीय कार्यवाही में भाग लिया। इस दौरान शिक्षा और व्यावहारिक कौशल के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल भी जरूरी: प्रो. अभिषेक मिश्रा

सदन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. अभिषेक मिश्रा ने युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, नीतिगत समझ और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए एसएमएस लखनऊ की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक डिग्रियां ज्ञान की नींव तैयार करती हैं, लेकिन रोजगार की बदलती आवश्यकताओं और राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान के लिए निरंतर कौशल विकास, आलोचनात्मक चिंतन और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता भी आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों से भारत की तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाने, रोजगार सृजन की दिशा में प्रयास करने और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता बनने का आह्वान किया।

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नेतृत्व और संसदीय समझ विकसित करना उद्देश्य

एसएमएस लखनऊ के सीईओ एवं सचिव श्री शरद सिंह ने प्रतिभागियों को उनके शोधपूर्ण तर्कों और सक्रिय भागीदारी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘एसएमएस संसद’ का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, वक्तृत्व कला और शासन-प्रणाली की गहरी समझ विकसित करना है।

संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) आशीष भटनागर ने समग्र शिक्षा और कौशल-आधारित पहलों के माध्यम से शिक्षा जगत तथा उद्योग के बीच की दूरी कम करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे मंचों को विद्यार्थियों के बौद्धिक और व्यावहारिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

विजेता टीमों को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और नकद पुरस्कार

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र के साथ नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कारों का विवरण इस प्रकार रहा:

  • प्रथम पुरस्कार: ₹10,000

  • द्वितीय पुरस्कार: ₹5,000

  • तृतीय पुरस्कार: ₹3,000

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. सुमन कुंडी और डॉ. स्मिता त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर एसएमएस लखनऊ के सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ‘SMS Sansad 2026’ के तीसरे संस्करण ने विद्यार्थियों को समसामयिक मुद्दों पर विचार रखने, तार्किक बहस करने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने का अवसर प्रदान किया।

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