SMSotsav-26: परमीश वर्मा के गानों और पैंथर के रैप पर झूमा लखनऊ; एसएमसोत्सव की आखिरी शाम ने रचा इतिहास

 लखनऊ के SMS (School of Management Sciences) संस्थान में आयोजित वार्षिक महोत्सव 'एसएमसोत्सव-26' का समापन एक ऐसी शाम के साथ हुआ जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। पंजाबी रॉकस्टार परमीश वर्मा और रैप सनसनी पैंथर की जुगलबंदी ने कैंपस में जोश का ऐसा सैलाब लाया कि हर कोई झूमने पर मजबूर हो गया।
 
SMSotsav-26: परमीश वर्मा के गानों और पैंथर के रैप पर झूमा लखनऊ; एसएमसोत्सव की आखिरी शाम ने रचा इतिहास 
  लखनऊ, 7 मार्च 2026: राजधानी के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'एसएमएस लखनऊ' के वार्षिक महोत्सव 'एसएमसोत्सव-26' का समापन एक बेहद धमाकेदार संगीतमय शाम के साथ हुआ। ऊर्जा से लबरेज प्रस्तुतियों और हजारों छात्रों की गगनभेदी तालियों के बीच इस साल का उत्सव अपनी सुनहरी यादें छोड़कर संपन्न हो गया।

पैंथर के रैप से शुरू हुआ रोमांच

शाम का आगाज MTV हसल फेम और देश के उभरते रैप स्टार पैंथर की दमदार एंट्री के साथ हुआ। अपनी तीखी और प्रभावशाली रैप शैली के लिए मशहूर पैंथर ने मंच संभालते ही युवाओं में जोश भर दिया। उन्होंने अपने लोकप्रिय ट्रैक 'यूपी से' और 'योगा सॉन्ग' पर छात्रों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। पैंथर की परफॉर्मेंस ने आगे होने वाली बड़ी शाम के लिए एक शानदार माहौल तैयार कर दिया।

परमीश वर्मा के सुपरहिट गानों का जादू

पैंथर के बाद जैसे ही पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सुपरस्टार परमीश वर्मा मंच पर आए, पूरा परिसर 'वर्मा जी' के नारों से गूँज उठा। परमीश ने एक के बाद एक अपने सुपरहिट गीतों की झड़ी लगा दी।

  • लोकप्रिय ट्रैक: 'गाल नीं करनी', 'ले चक मैं आ गया' और 'कैट वॉक' जैसे गानों पर छात्र-छात्राएं खुद को नाचने से रोक नहीं पाए। हजारों मोबाइल फ्लैशलाइट्स की रोशनी और परमीश की सुरीली आवाज़ के बीच एसएमएस का मैदान किसी बड़े कॉन्सर्ट जैसा नज़र आ रहा था।

कलाकारों ने जताया आभार

दोनों ही दिग्गज कलाकारों ने इस भव्य आयोजन के लिए एसएमएस लखनऊ के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शरद सिंह और श्री यश सेंगर का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन की व्यवस्था और लखनऊ के युवाओं की ऊर्जा की जमकर सराहना की।

सफलतापूर्वक संपन्न हुआ महोत्सव

महोत्सव के समापन पर आयोजन समिति ने सभी प्रायोजकों, फैकल्टी कोऑर्डिनेटर्स और वॉलंटियर्स का धन्यवाद किया। एसएमसोत्सव-26 केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एसएमएस लखनऊ की रचनात्मकता, एकता और युवा शक्ति का प्रतीक बनकर उभरा। गगनभेदी तालियों और "अगले साल फिर मिलेंगे" के वादे के साथ इस महोत्सव का विदाई समारोह संपन्न हुआ।

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