सोलर क्रांति: टाटा पावर ने लखनऊ में शुरू किया ‘घर-घर सोलर’ अभियान, सिर्फ ₹697 की EMI पर घर लाएं रूफटॉप सोलर
इस अभियान के साथ ही कंपनी ने 'टाटा पावर बैटरी स्टोरेज' (BESS) नामक एक एकीकृत बैटरी ऊर्जा भंडारण समाधान भी बाजार में उतारा है। इसका मुख्य उद्देश्य यूपी के शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में रूफटॉप सोलर के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा देना और आम जनता को चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के क्लीन और रिलायबल एनर्जी उपलब्ध कराना है।
बिजली बिल और ग्रिड पर निर्भरता होगी खत्म
आज के दौर में एयर कंडीशनर (AC), आधुनिक घरेलू उपकरणों, कृषि सिंचाई और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बढ़ते चलन के कारण बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में टाटा पावर सोलारूफ का यह इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी इकोसिस्टम उपभोक्ताओं को न सिर्फ सौर ऊर्जा पैदा करने, बल्कि उसे स्टोर करने और जरूरत के अनुसार इस्तेमाल करने की आजादी देगा। इससे उपभोक्ताओं का भारी-भरकम बिजली बिल कम होगा और पारंपरिक सरकारी ग्रिड पर निर्भरता भी खत्म होगी।
यूपी में 3 लाख घरों को सोलर से जोड़ने का महा-लक्ष्य
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से उभरते सोलर मार्केट्स में से एक बन चुका है। राज्य की इसी क्षमता को देखते हुए टाटा पावर ने आगामी रणनीतियों की घोषणा की है:
-
3 लाख इंस्टॉलेशन की योजना: कंपनी अगले 3 वर्षों के भीतर पूरे उत्तर प्रदेश में 3,00,000 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
-
1,000 MWp क्षमता: इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए राज्य में 1,000 मेगावाट पीक (MWp) की संचयी सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करने का प्लान है।
बंपर सब्सिडी: ₹1.08 लाख तक की भारी बचत
रूफटॉप सोलर अपनाने के मामले में उत्तर प्रदेश देश के सबसे आकर्षक और उपभोक्ता-अनुकूल राज्यों में शामिल है। यहाँ केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का गणित बेहद शानदार है पीएम सूर्य घर योजना + राज्य सरकार की सब्सिडी: यूपी में यदि कोई उपभोक्ता 3 kW (किलोवाट) तक का सोलर सिस्टम लगवाता है, तो उसे दोनों तरफ की सब्सिडी मिलाकर कुल 1.08 लाख रुपये तक की भारी छूट मिलती है।
'मेरा गांव, मेरा सोलर' और ग्रामीण बैंक से हाथ
ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों तक अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए टाटा पावर ने 'मेरा गांव, मेरा सोलर' नामक एक विशेष सामुदायिक पहल की शुरुआत की है।
-
MoU पर हस्ताक्षर: इस अभियान के तहत कंपनी ने देश के सबसे बड़े क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक यानी 'उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक' के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि सुदूर गांवों के लोगों को सोलर के लिए आसानी से लोन मिल सके।
-
गांवों के लिए सीएसआर (CSR) इनाम: ग्रामीण क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए कंपनी ने एक अनोखी योजना रखी है। यदि किसी गांव के प्रत्येक 100 घर सोलर पैनल अपनाते हैं, तो उस पूरे समुदाय को टाटा पावर की ओर से विशेष कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) लाभों के विकल्प दिए जाएंगे, जिससे गांव सही मायनों में 'आत्मनिर्भर' बन सकें।
जीरो डाउन पेमेंट और आसान EMI स्कीम
आम जनता पर आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए टाटा पावर ने अपने वित्तीय साझेदारों के साथ मिलकर एक "स्पेशल फाइनेंसिंग स्कीम" पेश की है:
-
शून्य अग्रिम लागत (Zero Down Payment): ग्राहकों को शुरुआत में अपनी जेब से कोई बड़ी रकम नहीं देनी होगी।
-
त्वरित मंजूरी: डिजिटल माध्यम से लोन को तुरंत और आसान पेपरवर्क के साथ मंजूरी दी जाएगी।
-
मात्र ₹697 से शुरू होने वाली EMI: 1 kW और 2 kW के छोटे सिस्टम लगवाने वाले ग्रामीण व अर्ध-शहरी ग्राहकों के लिए ईएमआई (EMI) की राशि को उनके मासिक बिजली बिल के बराबर बेहद कम रखा गया है, जिसकी शुरुआत महज ₹697 से होती है। साथ ही, इस योजना में सोलर सिस्टम की सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस (बीमा) कवर भी शामिल है।
टाटा पावर सोलर रूफटॉप अभियान की मुख्य बातें:
-
लचीले समाधान: विभिन्न ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 1 किलोवाट से लेकर 5 किलोवाट तक के कस्टमाइज्ड सोलर समाधान उपलब्ध हैं।
-
24 घंटे बिजली: आवासीय और कमर्शियल दोनों तरह के ग्राहकों के लिए 5 kWh से लेकर 50 MWh तक की विशाल क्षमता वाले इंटीग्रेटेड बैटरी स्टोरेज सिस्टम लॉन्च किए गए हैं, जो रात में भी बैकअप देंगे।
-
टिकाऊ भविष्य: अगले 3 साल में 3 लाख घरों की छतों को ग्रीन एनर्जी हब में बदलने का रोडमैप तैयार।
