Sonam Wangchuk Protest: अस्पताल से भी सोनम वांगचुक का अनशन जारी, पत्नी गीतांजलि ने रखी अनशन तोड़ने की ये बड़ी शर्त
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले तीन हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के धरना स्थल से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एक बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि वांगचुक की सेहत फिलहाल स्थिर है, लेकिन उन्होंने अस्पताल के भीतर भी अपना अनशन जारी रखा है और किसी भी तरह की ड्रिप या मेडिकल सहायता लेने से साफ इनकार कर दिया है।
गीतांजलि ने वांगचुक का संदेश साझा करते हुए बताया कि वह अपना अनशन खत्म करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने राजनीतिक दलों के सामने एक बड़ी शर्त रखी है।
अनशन खत्म करने के लिए क्या है शर्त?
गीतांजलि आंग्मो ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक आंदोलन को लंबा नहीं खींचना चाहते, बशर्ते शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर ठोस आश्वासन मिले। गीतांजलि ने कहा: "अगर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल में आकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करते हैं और उन्हें यह पक्का भरोसा दिलाते हैं कि सोमवार (20 जुलाई 2026) से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा, तो वह तुरंत अपना अनशन समाप्त कर देंगे।"
संसद मार्च से पहले शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को लेकर सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों के लिए एक विशेष संदेश भेजा है। गीतांजलि ने बताया कि वांगचुक ने सभी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अनुशासित होना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस आंदोलन का इस्तेमाल किसी भी गलत या असामाजिक उद्देश्य के लिए न हो सके।
इसके साथ ही, गीतांजलि ने यह भी साझा किया कि उन्होंने वांगचुक को किसी निजी अस्पताल (Private Hospital) में शिफ्ट कराने के लिए हाई कोर्ट में पूरी कोशिश की थी, लेकिन कानूनी तौर पर उन्हें इसमें सफलता नहीं मिल सकी।
जंतर-मंतर पर 20 हजार लोगों के जुटने का दावा
नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में भारी भीड़ उमड़ रही है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर दावा किया है कि तय कार्यक्रम से पहले ही जंतर-मंतर और उसके आसपास करीब 20 हजार लोग जुट चुके हैं।
सौरव दास ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को टैग करते हुए लिखा कि अब इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होने का समय आ गया है। इस विरोध प्रदर्शन को देश की कई जानी-मानी हस्तियों और राजनीतिक नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है।
