Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक के समर्थन में नवाबों के शहर में गूंजी आवाज, आदित्य यादव के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन

Sonam Wangchuk: Voices raised in support of Sonam Wangchuk in the 'City of Nawabs'; students stage a peaceful protest led by Aditya Yadav.
 
Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक के समर्थन में नवाबों के शहर में गूंजी आवाज, आदित्य यादव के नेतृत्व में छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन

लखनऊ, 19 जुलाई 2026:  देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद्, प्रख्यात अन्वेषक (Innovator) और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक द्वारा छात्र हितों और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर किए जा रहे आमरण अनशन की गूंज अब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी सुनाई देने लगी है। रविवार को जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र स्थित नौवा खेड़ा मंदिर प्रांगण के समीप आधित्य यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में छात्रों ने एकत्रित होकर एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपने हाथों में "I Stand With Sonam Wangchuk" (मैं सोनम वांगचुक के साथ खड़ा हूँ) लिखी हुई तख्तियां और पोस्टर्स लेकर उनके प्रति अपनी वैचारिक एकजुटता और गहरा समर्थन व्यक्त किया।

अनशन के 20 दिन पूरे, अस्पताल में भर्ती होने पर छात्रों ने जताई चिंता

प्रदर्शनकारी छात्रों ने सोनम वांगचुक के गिरते स्वास्थ्य पर गहरी चिंता व्यक्त की। गौरतलब है कि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन लगातार 20 से अधिक दिनों तक चलने के कारण उनका स्वास्थ्य बेहद नाजुक हो गया था, जिसके चलते उन्हें चिकित्सकों की सलाह पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कड़े चिकित्सकीय पहरे और निगरानी के बावजूद उनके सहयोगियों का स्पष्ट कहना है कि वांगचुक का यह अनशन अभी भी जारी है।लखनऊ में आयोजित इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से ऋषि राज वर्मा, आशुतोष कुमार, पुलकित मिश्रा, अथर्व सिंह और अथर्व गुप्ता सहित दर्जनों छात्र और युवा उपस्थित रहे।

"लोकतंत्र में सरकार को सकारात्मक संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए" — आदित्य यादव

प्रदर्शन का कुशल नेतृत्व कर रहे युवा छात्र नेता आदित्य यादव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा एक जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था में देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी जायज मांगों को शांतिपूर्ण, अहिंसक और संवैधानिक तरीके से शासन के समक्ष रखने का पूरा अधिकार है। सोनम वांगचुक जी द्वारा उठाए जा रहे छात्रों और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे बेहद गंभीर और संवेदनशील हैं, जिन पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए। उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए हमारी केंद्र और राज्य प्रशासन से अपील है कि वे शीघ्र ही सकारात्मक पहल करें और संवाद (Dialogue) के जरिए इस गतिरोध को समाप्त कराएं।"

आदित्य यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रों का यह पूरा आयोजन पूरी तरह से गैर-राजनीतिक, शांतिपूर्ण और केवल जन-जागरूकता के पवित्र उद्देश्य से प्रेरित था। कार्यक्रम के समापन पर जंतर-मंतर और लद्दाख के संघर्षों को याद करते हुए सभी छात्रों ने एकजुट होकर देशहित, उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।

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