Sony SAB New Sensation : 2 जून से शुरू होगा 'हस्तिनापुर के वीर', महाभारत के महानायकों के बचपन और आंतरिक संघर्ष की दिखेगी अनकही गाथा
टेलीविजन डेस्क: पारिवारिक और सार्थक मनोरंजन के लिए मशहूर चैनल सोनी सब (Sony SAB) अपने दर्शकों के लिए एक भव्य पौराणिक धारावाहिक लेकर आ रहा है। भारत के सबसे पूजनीय महाकाव्य महाभारत की पृष्ठभूमि पर आधारित नया शो 'हस्तिनापुर के वीर' आगामी 2 जून से दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रहा है। यह शो सोमवार से शनिवार रात 9:00 बजे सोनी सब चैनल के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म सोनी लिव (SonyLIV) पर भी प्रसारित किया जाएगा
क्या है शो की अनूठी कहानी?
'हस्तिनापुर के वीर' पारंपरिक पौराणिक शोज से बिल्कुल जुदा अनुभव देगा। यह शो कुरुवंश के महानायकों के इतिहास को एक नए नजरिए से पेश करता है इसमें पांडवों और कौरवों के महानायक बनने से पहले के शुरुआती वर्षों—उनके बचपन, आपसी रिश्तों, मासूमियत और उस बाल-प्रतिद्वंद्विता को दिखाया गया है जिसने आगे चलकर इतिहास बदल दिया।
शो का मूल ताना-बाना सिर्फ युद्ध या चमत्कारों के इर्द-गिर्द नहीं बुना गया है, बल्कि यह किरदारों के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को छूता है। परवरिश का असर, बड़ों की उम्मीदों का बोझ और बचपन में लिए गए वे छोटे-छोटे फैसले जो आगे चलकर उनकी नियति तय करते हैं, इस शो का मुख्य आकर्षण हैं।
भीष्म से शकुनि तक: दिग्गज कलाकारों की फौज
पेनिनसुला पिक्चर्स द्वारा निर्मित इस शो को भव्य पैमाने पर तैयार किया गया है। शो की स्टारकास्ट में टेलीविजन जगत के कई दिग्गज और हुनरमंद चेहरे शामिल हैं
मुख्य कलाकार और उनके पौराणिक किरदार
| कलाकार का नाम | निभाया गया किरदार |
| तोरल रसपुत्रा | माता कुंती |
| मनीष वाधवा | भीष्म पितामह |
| चंदन आनंद | शकुनि |
| जीतेन लालवानी | गुरु द्रोणाचार्य |
| अथर खान / सुभाष खत्री | युधिष्ठिर / भीम |
| उर्वा सवालिया / हरित गबानी | अर्जुन / नकुल |
| मयंक यादव | सहदेव |
| आयुध भानुशाली / शौर्य उपाध्याय | दुर्योधन / दुःशासन |
शो की भव्यता को जीवंत करने के लिए विशाल सेट्स, उस कालखंड के अनुसार बारीकी से डिजाइन की गई पोशाकें (Costumes) और उम्दा प्रोडक्शन डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है।
नेतृत्व और कलाकारों का संदेश
अजय भालवणकर (चीफ कंटेंट ऑफिसर, सोनी सब)
"हमारा उद्देश्य हमेशा से ऐसा कंटेंट तैयार करना रहा है जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सके। 'हस्तिनापुर के वीर' के जरिए हम सिर्फ अतीत की कहानी को दोहरा नहीं रहे हैं, बल्कि यह दिखा रहे हैं कि मूल्य, संस्कार और फैसले कैसे इंसानी जीवन को आकार देते हैं। इस शो में दिखाए गए पारिवारिक रिश्ते और मूल्य आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं।"
तोरल रसपुत्रा (अभिनेत्री - कुंती का किरदार)
परदे पर माता कुंती के चरित्र को जीना मेरे लिए एक भावुक यात्रा रही है। इतिहास उन्हें एक बेहद मजबूत और संयमित मां के रूप में याद करता है, लेकिन इस शो में दर्शकों को उनके भीतर के मानवीय संघर्ष, उनके त्याग, डर और बच्चों के भविष्य को लेकर उनके मानसिक बोझ को करीब से देखने का मौका मिलेगा। यह किरदार सिर्फ एक पौराणिक नाम नहीं, बल्कि इतिहास को दिशा देने वाली एक मां की जीवंत गाथा है।"
यदि आप भी साहस, पारिवारिक विरासत, रिश्तों की कशमकश और नियति की इस अनकही भव्य गाथा के गवाह बनना चाहते हैं, तो देखना न भूलें 'हस्तिनापुर के वीर', 2 जून से हर सोमवार से शनिवार रात 9 बजे, सिर्फ सोनी सब और सोनी लिव पर।


