स्पार्क-ओ-फेस्ट 1.0: राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ने नवाचार और उद्यमिता को दी नई ऊर्जा

Spark-O-Fest 1.0: National Conclave Infuses New Energy into Innovation and Entrepreneurship
 
स्पार्क-ओ-फेस्ट 1.0: राष्ट्रीय कॉन्क्लेव ने नवाचार और उद्यमिता को दी नई ऊर्जा

लखनऊ। सरस्वती डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्पार्क-ओ-फेस्ट 1.0 – आइडिया टू इम्पैक्ट शीर्षक से दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया। 14 और 15 मार्च को आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ, स्टार्टअप संस्थापक और शोधकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अवनीश कुमार अवस्थी (मुख्य सलाहकार, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश) रहे। विशिष्ट अतिथियों में अमित के. घोष (अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण), मेजर जनरल अमित देवगन तथा अनुरुद्ध क्षत्रिय शामिल रहे। इसके अलावा डॉ. जी. एन. सिंह और समापन सत्र में सरिका मोहन (सचिव, चिकित्सा शिक्षा) की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कॉन्क्लेव के दौरान नवाचार और उद्यमिता से जुड़े विभिन्न विषयों—जैसे डिज़ाइन थिंकिंग, स्टार्टअप इकोसिस्टम, फंडिंग अवसर, प्रोडक्ट-मार्केट फिट और नवाचार मानसिकता—पर विस्तृत चर्चा हुई। विकसित भारत 2047 विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में अवनीश कुमार अवस्थी ने युवाओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को अपने विचारों को सफल उद्यमों में बदलने के लिए प्रेरित किया। वहीं अमित घोष ने कहा कि ऐसे नवाचार केंद्रों को सरकारी तंत्र से जोड़ना आवश्यक है।

इस कार्यक्रम की परिकल्पना संस्थान के इनक्यूबेशन सेल ‘स्पार्क’ द्वारा की गई, जबकि संचालन ज़ूपअप के सहयोग से हुआ। आयोजन अध्यक्ष कमांडर सुमित घोष ने बताया कि यह मंच प्रतिभाशाली युवाओं को विचारों के आदान-प्रदान, सहयोग और नवाचार आधारित समाधान विकसित करने का अवसर देता है।

दो दिवसीय कॉन्क्लेव में 6 मुख्य व्याख्यान, 3 पैनल चर्चाएं और 4 प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने आइडियाथॉन, स्टार्टअप पिच, प्रोटोटाइप प्रदर्शन और पोस्टर प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। साथ ही स्टार्टअप विकास, फंडिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार और बिजनेस रणनीति पर विशेष मार्गदर्शन दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्पार्क-ओ-फेस्ट का लोगो और मैस्कॉट भी लॉन्च किया गया। ट्रेड एग्ज़ीबिशन में विभिन्न नवाचार उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन किया गया, जिसने प्रतिभागियों को खासा आकर्षित किया।

इस कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से 700 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मधु माथुर सहित कॉलेज प्रबंधन और कई वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।

यह आयोजन न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का उदाहरण बना, बल्कि नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने वाला मंच भी साबित हुआ। स्पार्क-ओ-फेस्ट 1.0 के माध्यम से संस्थान ने एक ऐसी पीढ़ी को प्रेरित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, जो विचारों को प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधानों में बदल सके और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बना सके।

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