दिवाली पर जगमगाएंगे गांव, प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
त्योहार से पहले, आयोजन के दौरान और बाद में भी जारी रहेगी सफाई; मंदिरों, पूजा स्थलों और घाटों की होगी विशेष व्यवस्था
डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव, आरआरसी केंद्रों पर एकत्र होगा त्योहार के बाद निकलने वाला कचरा
लखनऊ, 5 नवंबर। दीपावली के त्योहार को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं को लेकर विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। इसके तहत प्रदेश की सभी 57,694 ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई की व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान त्योहार से पहले ही नहीं, बल्कि आयोजन के दौरान और उसके बाद भी जारी रहेगा, ताकि गांवों में स्वच्छ और सुंदर वातावरण बना रहे। सरकार की ओर से ग्राम पंचायतों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत गांवों के मंदिरों, पूजा स्थलों, सार्वजनिक रास्तों और जलस्रोतों के आसपास विशेष सफाई कराई जाएगी।
शिवालयों, देवी मंदिरों और पूजा स्थलों की होगी सफाई
दीपावली के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिवालयों, देवी मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों की विशेष साफ-सफाई कराई जाएगी। मंदिर परिसरों के साथ आसपास के रास्तों और सार्वजनिक स्थानों को भी स्वच्छ रखने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा नदियों, तालाबों, पोखरों और अमृत सरोवरों के घाटों की सफाई के लिए विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।
डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव
त्योहार के दौरान साफ-सफाई के साथ मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जलभराव वाले स्थानों और कूड़े के ढेरों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। चिह्नित स्थानों पर फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
ग्राम पंचायतों में जलभराव की समस्या वाले स्थानों की पहचान कर उसके स्थायी समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को त्योहार के दौरान स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के साथ संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम करना है।
आरआरसी केंद्रों पर जमा होगा त्योहार के बाद का कचरा
दीपावली के आयोजन के बाद निकलने वाले कचरे और अपशिष्ट पदार्थों के उचित निस्तारण की भी व्यवस्था की गई है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में स्थापित आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) केंद्रों पर कचरा एकत्र कराया जाएगा। सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी तय की जाएगी, ताकि त्योहार समाप्त होने के बाद भी गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैले।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था
त्योहार के दौरान अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर पेयजल की उपलब्धता और शुद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों को हैंडपंप चालू रखने और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है। ग्राम पंचायतें वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि के माध्यम से सफाई मशीनों और अतिरिक्त श्रमिकों की व्यवस्था भी कर सकेंगी।
जिला स्तर पर होगी अभियान की निगरानी
निदेशक पंचायती राज धीरेंद्र सिंह सचान ने बताया कि अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारियों और मंडलीय उपनिदेशकों को नियमित निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अभियान के तहत की गई गतिविधियों और साफ-सफाई की समेकित रिपोर्ट प्रतिदिन शासन को भेजी जाएगी।
इस रिपोर्ट के माध्यम से ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था, घाटों की स्थिति और पेयजल सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि दीपावली के दौरान प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पेयजल और जनसुविधाओं से जुड़ी व्यवस्थाएं बेहतर बनी रहें और गांव भी त्योहार की रौनक से जगमगाएं।
