एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन में 'वैश्विक रुझान और भविष्य की तकनीक' पर विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन
एसकेडी एकेडमी (वृन्दावन): डिजिटल मीडिया और स्ट्रीमिंग के बदलते आयाम
एसकेडी एकेडमी के वृन्दावन कैंपस में आयोजित सत्र में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (एन आर्बर) की एसोसिएट प्रोफेसर व रिसर्च स्कॉलर डॉ. स्वप्निल राय मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं।
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विषय: "नेटवर्क्ड बॉलीवुड एंड स्ट्रीमिंग" (Networked Bollywood and Streaming)
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मुख्य बिंदु: डॉ. स्वप्निल राय ने आज के डिजिटल युग में मनोरंजन उद्योग के बदलते स्वरूप पर विस्तार से बात की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि कैसे डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स (OTT) और वैश्विक मीडिया हमारी लोकप्रिय संस्कृति को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों को भविष्य के लिए एक व्यापक वैश्विक दृष्टिकोण (Global Perspective) विकसित करने की सलाह दी।
एसकेडी इंटरनेशनल स्कूल: रोबोटिक्स, एआई और महिला सशक्तिकरण
दूसरी ओर, एसकेडी इंटरनेशनल स्कूल में तकनीकी नवाचार पर केंद्रित एक बेहद इंटरैक्टिव सेशन का आयोजन किया गया, जिसकी कमान सुश्री मैत्री ने संभाली।
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विषय: "रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और STEM क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण"
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मुख्य बिंदु: सुश्री मैत्री ने विद्यार्थियों को एआई (AI) और रोबोटिक्स की रोमांचक व तेजी से बढ़ती दुनिया से परिचित कराया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कैसे विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में महिलाएं नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने छात्रों को भविष्य के निर्माण में रचनात्मकता और तकनीकी कौशल को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र और प्रबंधन की उपस्थिति
दोनों ही परिसरों में व्याख्यान के बाद एक संवादात्मक प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र का आयोजन हुआ। इसमें विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे और उनके व्यावहारिक जवाब पाए।
यह पूरा आयोजन एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसमें शामिल रहे:
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श्री मनीष सिंह (निदेशक, एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन)
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श्रीमती निशा सिंह (उपनिदेशिका)
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श्रीमती कुसुम बत्रा (असिस्टेंट डायरेक्टर एकेडमिक्स)
संस्था का संदेश:
कार्यक्रम के समापन पर प्रबंधन ने दोनों मुख्य वक्ताओं के बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। संस्था ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे हमेशा कुछ नया सीखने की ललक (Lifelong Learning) बनाए रखें, शोध की ओर कदम बढ़ाएं और देश-दुनिया में नवाचार के नए प्रतिमान स्थापित करें।

