जयपुरिया स्कूल में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष कार्यशाला: छात्रों के भावनात्मक कल्याण के लिए शिक्षकों को मिले 'सफलता के मंत्र

Special Workshop on Mental Health at Jaipuria School: Teachers Receive 'Mantras for Success' for Students' Emotional Well-being
 
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लखनऊ | 12 अप्रैल 2026: शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, गोयल कैंपस में एक विशेष सीबीएसई (CBSE) शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय "छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देना" रहा।

विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

कार्यशाला का संचालन दो अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा किया गया, जिन्होंने वर्तमान शैक्षणिक परिवेश में मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों पर गहराई से चर्चा की:

  • सुश्री अर्पणा अवस्थी (पीजीटी, कानपुर पब्लिक स्कूल, कन्नौज)

  • सुश्री शुभांगी आर्या (पीजीटी, कुन्सकाप्स्स्कोलन, लखनऊ)

संवाद और सहानुभूति पर जोर

विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि आधुनिक समय में छात्र कई तरह के मानसिक दबावों का सामना कर रहे हैं। कार्यशाला में शिक्षकों को निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया:

  1. मजबूत संबंध: शिक्षक और छात्र के बीच सहानुभूति और समझ पर आधारित रिश्तों का निर्माण।

  2. प्रभावी संवाद: छात्रों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना और उनके साथ सकारात्मक संवाद करना।

  3. पहचान और समाधान: छात्रों की भावनात्मक आवश्यकताओं और उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों की समय पर पहचान करना।

प्रधानाचार्या का प्रेरणादायक संबोधन

विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि वह छात्र के भावनात्मक सुदृढ़ीकरण का आधार भी होता है। उन्होंने एक प्रेरक उद्धरण के माध्यम से शिक्षकों को कक्षा में एक सकारात्मक, समावेशी और सहयोगात्मक वातावरण बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

व्यावहारिक रणनीतियों पर चर्चा

कार्यशाला के दौरान कई संवादात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें शिक्षकों ने व्यावहारिक रूप से सीखा कि कैसे एक सुरक्षित शिक्षण वातावरण तैयार किया जाए। इस सत्र ने शिक्षकों को उन रणनीतियों से लैस किया, जो छात्रों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक कल्याण में भी सहायक सिद्ध होंगी।

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