एसपीजेआईएमआर ने डेवलपमेंट मैनेजमेंट पाठ्यक्रम में किया बड़ा बदलाव, बैच-28 के लिए आवेदन शुरू
लखनऊ। सामाजिक विकास के क्षेत्र में तेजी से बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारतीय विद्या भवन के एस.पी. जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SPJIMR) ने अपने पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन डेवलपमेंट मैनेजमेंट (PGPDM) के पाठ्यक्रम का व्यापक पुनर्गठन किया है। संस्थान ने फरवरी 2027 से शुरू होने वाले बैच-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
आज सामाजिक क्षेत्र में पारंपरिक चैरिटी मॉडल की जगह परिणाम-आधारित विकास, तकनीक, नवाचार और विभिन्न क्षेत्रों के सहयोग पर आधारित मॉडल तेजी से अपनाए जा रहे हैं। सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, इम्पैक्ट इन्वेस्टिंग, ईएसजी (ESG), पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी जैसी अवधारणाएं विकास कार्यों की दिशा बदल रही हैं। इन्हीं बदलावों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया गया है।
पीजीपीडीएम के चेयरपर्सन प्रो. तनोजकुमार मेश्राम ने कहा कि आज सामाजिक क्षेत्र में प्रभावी बदलाव लाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवरों के बीच सहयोग और व्यावहारिक समाधान विकसित करना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार यह कार्यक्रम केवल ज्ञान प्रदान नहीं करता, बल्कि प्रतिभागियों को विकास संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण करने, समाधान तैयार करने और बड़े स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सक्षम बनाता है।
यह कार्यक्रम भारत का एकमात्र डेवलपमेंट मैनेजमेंट कोर्स है, जिसे AACSB, AMBA और EQUIS की प्रतिष्ठित ट्रिपल क्राउन मान्यता प्राप्त है। मई 2026 में संस्थान ने अपने सिल्वर जुबली बैच (बैच-25) का दीक्षांत समारोह आयोजित कर 25 बैच पूरे करने का महत्वपूर्ण पड़ाव भी हासिल किया।
कार्यक्रम की विशेषता इसकी विविधता है। इसमें गैर-सरकारी संगठनों, सरकारी विभागों, संयुक्त राष्ट्र से जुड़े पेशेवरों, सोशल इम्पैक्ट कंसल्टेंट्स, उद्यमियों और सीएसआर विशेषज्ञों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभागी एक साथ अध्ययन करते हैं, जिससे अनुभव साझा करने और बेहतर नेटवर्किंग का अवसर मिलता है।
संशोधित पाठ्यक्रम में ईएसजी, एआई फॉर डेवलपमेंट, सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, पब्लिक पॉलिसी और कम्युनिकेशन स्किल्स जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा रणनीति, डेटा विश्लेषण, संगठनात्मक प्रबंधन और वित्तीय अनुपालन से जुड़े एडवांस्ड इलेक्टिव कोर्स भी शामिल किए गए हैं। कामकाजी पेशेवरों की सुविधा के लिए ऑनलाइन कक्षाओं के समय को अधिक लचीला बनाया गया है और मूल्यांकन प्रणाली में भी सुधार किया गया है।
व्यावहारिक प्रशिक्षण को मजबूत बनाने के लिए लीडरशिप, कम्युनिकेशन और प्रोफेशनल राइटिंग पर आधारित तीन नए एक्सपीरिएंशियल लैब शुरू किए गए हैं। साथ ही एक वर्षीय सोशल इम्पैक्ट प्रोजेक्ट भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा, जिसे एसपीजेआईएमआर के फुल-टाइम मैनेजमेंट छात्रों के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों को सामाजिक और कॉरपोरेट क्षेत्रों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए वास्तविक समस्याओं के समाधान पर काम करने का अवसर मिलेगा।
संस्थान ने अब वर्ष में दो बैचों के बजाय हर साल फरवरी में केवल एक बैच शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे करीब 100 डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स एक साथ अध्ययन करेंगे, जिससे सहयोग, नेटवर्किंग और ज्ञान के आदान-प्रदान को और मजबूती मिलेगी।बैच-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य विस्तृत जानकारी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
