तुलसीपुर के रण में उतरे सपा के ‘पुराने सिपाही’ भानू तिवारी, चुनावी ऐलान से बलरामपुर की सियासत में उबाल
छात्र राजनीति से एमएलसी चुनाव तक का सफर
भानू तिवारी का राजनीतिक सफर जमीनी संघर्षों से होकर गुजरा है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की, जहाँ छात्र संघ अध्यक्ष निर्वाचित होकर उन्होंने युवाओं की आवाज बुलंद की। छात्र जीवन से ही समाजवादी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट रही है। इसी निष्ठा के चलते पार्टी ने उन्हें समय-समय पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ सौंपीं। वे जिला पंचायत सदस्य रहे हैं और समाजवादी पार्टी के टिकट पर एमएलसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
कार्यकर्ताओं और जनता में मजबूत पकड़
वर्तमान में भानू तिवारी एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी पहचाने जाते हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा आमजन के सुख-दुख में साथ निभाया है। उनकी दावेदारी को सपा के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की मजबूती और वापसी के रूप में देखा जा रहा है, जिससे पार्टी के अंदर भी नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
भानू तिवारी का दावा
मीडिया से बातचीत में भानू तिवारी ने कहा कि उनका उद्देश्य तुलसीपुर विधानसभा का सर्वांगीण विकास और समाजवादी विचारधारा को घर-घर तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा, “मैं छात्र जीवन से ही जनता की सेवा करता आया हूँ। पार्टी ने जब भी जो जिम्मेदारी दी, उसे पूरी निष्ठा से निभाया। अब तुलसीपुर की जनता और कार्यकर्ताओं की इच्छा है कि मैं उनके प्रतिनिधित्व के लिए आगे आऊँ।”
तुलसीपुर में दिलचस्प होगा मुकाबला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भानू तिवारी के मैदान में उतरने से तुलसीपुर विधानसभा सीट पर मुकाबला और अधिक रोचक हो सकता है। उनके पास अनुभव, संगठनात्मक पकड़ और विभिन्न वर्गों में स्वीकार्यता है। अब सबकी नजरें समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं कि इस सीट पर पार्टी किस रणनीति के साथ आगे बढ़ती है।
