एपेक्स स्कूल में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

Shri Krishna Janmashtami festival was celebrated with great pomp in Apex School.
 
एपेक्स स्कूल में धूमधाम से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव

गड़वार (बलिया)। बभनौली स्थित एपेक्स स्कूल परिसर में शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण का रूप धारण कर मनमोहक झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों और विद्यालय परिवार का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संरक्षक शैलेश मोहन पांडेय, प्रबंधक इंजी. धनंजय उपाध्याय, प्रधानाचार्या प्रतिमा तिवारी तथा उप प्रधानाचार्य नरेंद्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया। इसके बाद उपस्थित अभिभावकों का तिलक लगाकर और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन

जन्माष्टमी समारोह में नर्सरी से कक्षा प्रथम तक के छात्र-छात्राओं ने राधा-कृष्ण के वेश में आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं। नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण के भावों को गीत एवं नृत्य के माध्यम से जीवंत कर दिया।

नर्सरी कक्षा के बच्चों ने ‘छोटी-छोटी गईया, छोटे-छोटे ग्वाल, छोटो सो मेरो मदन गोपाल’ गीत पर प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। वहीं एलकेजी और यूकेजी के बच्चों ने ‘मैया यशोदा, ये तेरा कन्हैया’, ‘करके इशारे बुलाय गई रे बरसाने की छोरी’ और ‘मोहे मोर बनैयो राधा’ जैसे गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों के दौरान पूरा विद्यालय परिसर राधा-कृष्ण के भक्ति गीतों से गूंज उठा। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे नन्हे कलाकारों के कारण विद्यालय परिसर में गोकुल और ब्रजभूमि जैसा भक्तिमय वातावरण दिखाई दिया।

शिक्षकों और अभिभावकों की रही सहभागिता

कार्यक्रम को सफल बनाने में सेक्शन इंचार्ज कविता पांडेय, मानसी गिरी, रोहिणी सिंह, खुशी सिंह, शशि मोहन पांडेय और अर्जुन द्विवेदी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संयोजन रवि प्रकाश पांडेय ने किया, जबकि कक्षा 12 की छात्राओं अर्चिता और दिव्या ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली।

समारोह में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखकर अभिभावकों ने उनका उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की।

एपेक्स स्कूल अपने शैक्षिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक और पारंपरिक गतिविधियों को भी विद्यार्थियों के समग्र विकास का हिस्सा बनाता है। विद्यालय की आधिकारिक जानकारी में भी सांस्कृतिक मूल्यों और पारंपरिक मूल्यों को विद्यार्थियों के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।

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