उत्तर प्रदेश में टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य-स्तरीय परामर्श का आयोजन

State-level consultation organized towards promoting sustainable agriculture in Uttar Pradesh
 
State-level consultation organized towards promoting sustainable agriculture in Uttar Pradesh
लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय): उत्तर प्रदेश में कृषि प्रणाली को अधिक सतत और लचीला बनाने के उद्देश्य से सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल बिजनेस (CRB) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा लखनऊ में एक राज्य-स्तरीय हितधारक परामर्श आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के प्रमुख कृषि हितधारकों ने टिकाऊ कृषि मॉडल को अपनाने की दिशा में मिलकर विचार-विमर्श किया।

कृषि में 'कैपिटल्स अप्रोच' का प्रयोग

परामर्श का मुख्य उद्देश्य था ‘कैपिटल्स अप्रोच’ को कृषि मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत करना। इस दृष्टिकोण के तहत प्राकृतिक, सामाजिक, मानव और उत्पादित पूंजी को ध्यान में रखते हुए कृषि पद्धतियों को इस प्रकार रूपांतरित करना है कि वे जलवायु संकट के प्रति लचीली हों, किसानों की आय में वृद्धि करें, और बाजारों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करें।

प्रमुख सहभागिता और चर्चाएं

इस संवाद में किसान समूहों (FPOs, FPCs), क्लस्टर आधारित व्यवसाय संगठन (CBBOs), कृषि वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं ने भाग लिया। चर्चाओं में जैविक खेती, एग्रोफॉरेस्ट्री और फसल विविधता जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहा। प्रतिभागियों ने यह समझने का प्रयास किया कि वे किस प्रकार इन चार पूंजी घटकों पर निर्भर हैं और उनसे कैसे प्रभावित होते हैं।

इस दौरान गेहूं, धान, सरसों, मूंगफली और हरी मिर्च जैसी प्रमुख फसलों की मूल्य श्रृंखला का गहराई से विश्लेषण किया गया—जिसमें उत्पादन, प्रसंस्करण, निर्माण और उपभोग जैसे सभी चरण शामिल रहे।

विशेषज्ञों की भागीदारी

परामर्श में कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए, जिनमें शामिल थे:

  • लीना जौहरी, IAS, प्रमुख सचिव, बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग

  • अनिल यादव, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश

  • डॉ. मेराज आलम अंसारी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, ICAR

  • रिजित सेनगुप्ता, CEO, CRB

  • विश्वास पांडे, एसोसिएट डायरेक्टर – जागृति एंटरप्राइज सेंटर

  • शिवानी बुंदेला, संस्थापक, अब्रोसा

  • ललित कुमार सिंह, डिप्टी मैनेजर – ग्रीनप्लाय इंडस्ट्रीज

दीर्घकालिक लक्ष्य और प्रशिक्षण

CRB के CEO, रिजित सेनगुप्ता ने कहा:

“UNEP के साथ मिलकर हम पहले असम और उत्तराखंड में सफलतापूर्वक यह मॉडल लागू कर चुके हैं। उत्तर प्रदेश में भी हम किसानों, FPOs और अन्य संगठनों को टिकाऊ कृषि के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह साझेदारी राज्य में दीर्घकालिक प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की नींव रखेगी।”

टिकाऊ भविष्य की ओर

यह पहल UNEP–CRB साझेदारी के अंतर्गत TEEBAgriFood दिशानिर्देशों के अनुरूप है, जो खाद्य और कृषि प्रणालियों में समग्र सोच को बढ़ावा देती है। इससे नीति-निर्माता और व्यवसाय जगत चारों पूंजी घटकों के समग्र मूल्य को अपने निर्णयों में सम्मिलित कर सकेंगे।

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