कुर्सी रोड पर बन रहे डिवाइडर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की अनदेखी, जनकल्याण महासमिति ने उठाई सुरक्षा की मांग
ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के पदाधिकारियों का कहना है कि डिवाइडर के बीच मार्ग प्रकाश की व्यवस्था न होने से रात के समय पूरे मार्ग पर अंधेरा छाया रहेगा। इससे वाहन चालकों को सड़क और डिवाइडर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देगा तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
महासमिति के सचिव विवेक शर्मा ने इस संबंध में पीडब्ल्यूडी, मंडलायुक्त एवं जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निर्माणाधीन डिवाइडर के बीच स्ट्रीट लाइट पोल लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यातायात सुरक्षा और सुगमता के लिए डिवाइडर निर्माण सराहनीय है, लेकिन प्रकाश व्यवस्था के अभाव में यह सुरक्षा के बजाय खतरे का कारण बन सकता है।
महासमिति के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा ने कहा कि यदि डिवाइडर का निर्माण पूरा होने के बाद स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए इसे दोबारा तोड़ा गया, तो इससे सरकारी धन और करदाताओं के पैसे की अनावश्यक बर्बादी होगी। इसलिए निर्माण कार्य के साथ ही विद्युत पोल लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
महासमिति ने यह भी मांग की है कि जब तक स्थायी स्ट्रीट लाइटें स्थापित नहीं हो जातीं, तब तक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए डिवाइडर पर रिफ्लेक्टर (रेडियम पट्टियां) तथा अस्थायी चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, जिससे रात के समय वाहन चालकों को पर्याप्त संकेत मिल सकें। महासमिति ने संबंधित अधिकारियों से जनहित और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है।
