सशक्त, स्वाभिमानी और विकसित मध्य प्रदेश
Strong, self-respecting and developed Madhya Pradesh
Thu, 11 Sep 2025
(पवन वर्मा – विभूति फीचर्स)
भारत के हृदय स्थल मध्य प्रदेश ने बीते कुछ वर्षों में विकास की नई परिभाषा गढ़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, दृष्टि और संकल्पों को ज़मीन पर उतारते हुए आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं।
डॉ. यादव की कार्यशैली पारदर्शिता, संवाद, सेवा और समर्पण की मिसाल है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्य प्रदेश का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब प्रशासन नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और सशक्त बने। उनका "विकसित मध्य प्रदेश" का विज़न, "विकसित भारत 2047" के लक्ष्य की ठोस नींव है।
सड़क और कनेक्टिविटी
राज्य में सड़क निर्माण और मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
ग्रामीण अंचलों तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हज़ारों किलोमीटर सड़कें बनी हैं।
बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक रिंग रोड और बायपास का विस्तार किया जा रहा है।
अब तक 25 से अधिक शहरों में प्राथमिक सर्वे पूरे हो चुके हैं, जिनसे 800 किमी से अधिक सड़कों को डबल लेन बनाकर हाइवे से जोड़ा जाएगा।
सीहोर, नागदा और नर्मदापुरम जैसे शहरों में नई रिंग रोड परियोजनाओं से गांव और कस्बों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जा रहा है।
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रेल और हवाई नेटवर्क
प्रदेश के दूरस्थ हिस्सों तक रेल कनेक्टिविटी बढ़ाई गई है। साथ ही, उज्जैन, रीवा, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों से नई उड़ानों की शुरुआत हुई है। छोटे शहरों में एयर स्ट्रिप और हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं।
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मेक इन मध्य प्रदेश
'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्टअप इंडिया' से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार ने "मेक इन मध्य प्रदेश" अभियान शुरू किया है।
इंदौर, भोपाल और ग्वालियर को उद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और फार्मा में बड़े निवेश आए हैं।
जापान, जर्मनी, अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों के निवेशकों ने यहां रुचि दिखाई है।
एमएसएमई और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।
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शिक्षा और कौशल विकास
सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है – स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, लैब और खेल परिसर।
उज्जैन, भोपाल और रीवा में विशेष विश्वविद्यालय स्थापित हो रहे हैं।
शिक्षकों के लिए चौथा समयमान वेतनमान लागू करने का निर्णय, जिससे 1.50 लाख से अधिक शिक्षक लाभान्वित होंगे।
कौशल विकास मिशन के तहत उद्योगों की ज़रूरतों को देखते हुए प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं।
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कृषि और किसान कल्याण
कृषि को "उद्योग" के रूप में देखते हुए कई सुधार किए गए हैं।
सिंचाई परियोजनाओं और माइक्रो इरिगेशन पर विशेष ध्यान।
ई-नाम प्लेटफॉर्म से मंडियों को जोड़ा गया।
फसल बीमा योजना के दावों का त्वरित निपटारा।
मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता।
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नारी शक्ति
लाड़ली बहना योजना के माध्यम से गरीब और निम्न आय वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहयोग।
महिला स्वयं सहायता समूहों को सरकारी कामों में प्राथमिकता।
पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्वकारी भूमिकाओं को प्रोत्साहन।
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स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना से लाखों लोगों को निःशुल्क इलाज।
हर जिले में जन औषधि केंद्र खुलने से किफायती दवाइयां उपलब्ध।
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संस्कृति और पर्यटन
उज्जैन का महाकाल लोक, सांची, भीमबेटका, ओरछा जैसे स्थल वैश्विक पहचान पा रहे हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को ईको-टूरिज्म से जोड़ा गया है, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़े हैं।
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युवा और रोजगार
यूथ इम्पावरमेंट मिशन के तहत युवाओं को स्टार्टअप के लिए वित्तीय सहयोग।
आईटी पार्क, इनोवेशन हब और टूल रूम की स्थापना।
हर जिला अब "रोजगार उत्पादन केंद्र" के रूप में विकसित हो रहा है।
हरित और स्वच्छ मध्य प्रदेश
हरित मध्य प्रदेश अभियान में करोड़ों पौधे लगाए गए।
सौर ऊर्जा और बायोगैस को बढ़ावा।
नर्मदा सेवा यात्रा जैसे अभियानों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जनजागरण।
आज मध्य प्रदेश एक नई पहचान बना रहा है – सशक्त, आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और विकसित राज्य के रूप में। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का यह विकास यात्रा देश के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है।

