राजकीय इंटर कॉलेजों के विद्यार्थी अब खोजी बॉक्स आधारित विज्ञान शिक्षण से होंगे लाभान्वित

 
राजकीय इंटर कॉलेजों के विद्यार्थी अब खोजी बॉक्स आधारित विज्ञान शिक्षण से होंगे लाभान्वित

लखनऊ, 24 नवम्बर 2025। आईआईटी गांधीनगर, गुजरात के सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग द्वारा लखनऊ मंडल के छह जनपदों—लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, रायबरेली और सीतापुर—के कुल 26 राजकीय इंटर कॉलेजों को रसायन, भौतिक, गणित और पज़ल्स के खोजी बॉक्स उपलब्ध करा दिए गए हैं।

मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि समग्र शिक्षा (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश और आईआईटी गांधीनगर के संयुक्त प्रयास से विद्यार्थियों में विज्ञान विषय की बुनियाद मज़बूत करने तथा शिक्षण को और अधिक प्रयोगात्मक एवं रचनात्मक बनाने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

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ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम घोषित

खोजी बॉक्स का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग, आईआईटी गांधीनगर ने संबंधित विषयों के शिक्षकों हेतु ऑनलाइन प्रशिक्षण की तिथियां जारी की हैं—

  • भौतिकी खोजी बॉक्स प्रशिक्षण: 25 नवम्बर 2025 (मंगलवार), पूर्वाह्न 10 बजे – दोपहर 12 बजे

  • रसायन विज्ञान खोजी बॉक्स प्रशिक्षण: 26 नवम्बर 2025 (बुधवार), पूर्वाह्न 10 बजे – दोपहर 12 बजे

  • गणित/पज़ल्स खोजी बॉक्स प्रशिक्षण: 27 नवम्बर 2025 (गुरुवार), पूर्वाह्न 10 बजे – अपराह्न 1 बजे

डॉ. कुमार ने बताया कि खोजी बॉक्स प्राप्त कर चुके सभी विद्यालयों के संबंधित विषय के शिक्षकों को समय पर प्रशिक्षण में प्रतिभाग सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यदि किसी विद्यालय में संबंधित विषय का शिक्षक उपलब्ध नहीं है, तो निकटतम राजकीय विद्यालय से शिक्षक की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

पहले चरण में लाभान्वित होने वाले राजकीय इंटर कॉलेजों की संख्या

  • लखनऊ: 05

  • हरदोई: 05

  • लखीमपुर खीरी: 04

  • सीतापुर: 04

  • उन्नाव: 04

  • रायबरेली: 04

संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि चयनित सभी 26 विद्यालयों के शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जनपद के जिला विद्यालय निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

अधिकारी का वक्तव्य

“समग्र शिक्षा माध्यमिक और आईआईटी गांधीनगर गुजरात के सहयोग से उपलब्ध कराए गए खोजी बॉक्स आधारित विज्ञान शिक्षण से राजकीय स्कूलों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।”
डॉ. दिनेश कुमार, मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी, लखनऊ मंडल

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