विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा और नवाचार की झलक
लखनऊ, 3 अक्टूबर 2026। सेन्टीनियल इंटर कॉलेज, लखनऊ में शनिवार को विज्ञान प्रदर्शनी 2026-27 का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता को प्रोत्साहित करना रहा। प्रदर्शनी के मुख्य अतिथि मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार रहे।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रबंधक आर.के. सिंह ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया। प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने प्रबंधक आर.के. सिंह और कोषाध्यक्ष दीपक डेविड का स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि, प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
विद्यार्थियों के मॉडलों का किया अवलोकन
डॉ. दिनेश कुमार ने प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मॉडलों का अवलोकन किया। उन्होंने छात्रों से मॉडलों की कार्यप्रणाली, वैज्ञानिक आधार और उपयोगिता के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता समझाई।
इस अवसर पर डॉ. दिनेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा में नवाचार की क्षमता होती है। उस प्रतिभा को पहचानना और उसे उचित मंच उपलब्ध कराना शिक्षक का मूल कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा की समय रहते पहचान कर उन्हें प्रदर्शन का अवसर दिया जाए, तो वे विद्यालय से आगे बढ़कर जनपद, मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और उपयोगिता साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल विद्यार्थियों की वैज्ञानिक सोच और नए विचारों को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन मॉडलों से विद्यालय को आगामी विज्ञान प्रतियोगिताओं में भी पहचान मिल सकती है।
65 विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए 40 मॉडल
विज्ञान प्रदर्शनी में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कुल 65 विद्यार्थियों ने 40 मॉडल प्रस्तुत किए। इनमें विज्ञान की विभिन्न शाखाओं से जुड़े मॉडल और वर्किंग प्रोजेक्ट शामिल रहे। डॉ. दिनेश कुमार ने रक्त समूह, श्वसन तंत्र, सौर ऊर्जा, जल निस्यंदन, टैंक अलर्ट इंडिकेटर, न्यूरॉन क्रियाविधि और मस्तिष्क की उपयोगिता जैसे मॉडलों की विशेष सराहना की।
रसायन विज्ञान के मॉडल
रसायन विज्ञान वर्ग में विद्यार्थियों ने बायोप्लास्टिक, एडवांस्ड वेस्ट वाटर मैनेजमेंट, पुष्प की संरचना, भूकंप इंडिकेटर, सजीव कोशिकांग और यूरिनरी स्टोन फॉर्मेशन जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए।
भौतिक विज्ञान में दिखा तकनीकी नवाचार
भौतिक विज्ञान से जुड़े मॉडलों में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ट्रेन, एआई रोबोट, कचरे से ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा रूपांतरण जैसे वर्किंग मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।
जीव विज्ञान के मॉडलों में मानव शरीर और पर्यावरण
जीव विज्ञान वर्ग में विद्यार्थियों ने मानव शरीर के विभिन्न तंत्रों, पौधों में जनन, पर्यावरणीय संरचना और अजैविक कारकों के चक्रण को मॉडल के माध्यम से प्रदर्शित किया।
वैज्ञानिकता और नवाचार के आधार पर हुआ मूल्यांकन
प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल ने किया। मूल्यांकन के दौरान वैज्ञानिकता, नवाचार, उपयोगिता और प्रस्तुतीकरण को प्रमुख आधार बनाया गया। निर्णायक मंडल में डिग्री विभाग के प्राचार्य एवं दो विज्ञान शिक्षक शामिल रहे।
प्रदर्शनी के आयोजन में प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह के साथ विज्ञान शिक्षिकाओं सुश्री दयाना इफ्तिखार और सुश्री ज़ोहरा फातिमा का मार्गदर्शन रहा।प्रधानाचार्य संजय कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान की तार्किक दृष्टि और शिक्षा के मानवीय मूल्यों के समन्वय के माध्यम से विद्यालय को उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनका संकल्प है।विद्यालय के प्रबंधक और कोषाध्यक्ष ने विद्यार्थियों के प्रयासों और उनके द्वारा तैयार किए गए मॉडलों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विज्ञान प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सृजनात्मकता, नवाचार और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने के साथ उन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान किया।
