Success Story: लखनऊ की शिक्षिका नीलम शंखवार के सिर सजा 'वीजी मिसेज इंडिया ग्लोबल आइकॉन फिनिक्स क्वीन 2026' का ताज, दिल्ली में रचा इतिहास
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की बेटी और पेशे से शिक्षिका नीलम शंखवार ने राष्ट्रीय पटल पर शहर का नाम रोशन किया है। नीलम को प्रतिष्ठित 'वीजी मिसेज इंडिया ग्लोबल आइकॉन फिनिक्स क्वीन 2026' के खिताब से नवाजा गया है।
लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस गौरवमयी उपलब्धि को साझा करते हुए नीलम ने बताया कि उन्होंने यह मुकाम नई दिल्ली के फेयरली होटल्स एंड रिसॉर्ट्स में आयोजित एक बेहद कड़े राष्ट्रीय स्तर के सौंदर्य कन्टैस्ट में हासिल किया है।
'ड्रीम डेयर एंड बी द क्वीन' थीम पर आधारित थी प्रतियोगिता
यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता "ड्रीम डेयर एंड बी द क्वीन" (सपना देखो, साहस करो और रानी बनो) की थीम पर आधारित थी। खिताब को अपने नाम करने के लिए नीलम को कई कड़े चरणों से गुजरना पड़ा। प्रतियोगिता के दौरान:
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ट्रेडिशनल राउंड (पारंपरिक दौर)
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विस्फोटक डांस राउंड
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इवनिंग गाउन सेगमेंट
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टैलेंट शोकेस (प्रतिभा प्रदर्शन)
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कड़ा पर्सनल इंटरव्यू और रैंप वॉक शामिल था।
नीलम की इस शानदार सफलता के पीछे उनका कड़ा परिश्रम, अटूट समर्पण और निरंतर प्रयास रहा है। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर मन में सच्ची लगन और आत्मविश्वास हो, तो उम्र या जिम्मेदारियां कभी बाधा नहीं बनतीं।
यह ताज केवल पुरस्कार नहीं, रूढ़ियों को तोड़ने की कहानी है"
जीत के इस ऐतिहासिक पल पर भावुक होते हुए नीलम ने कहा, "यह ताज केवल एक पुरस्कार नहीं है, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि एक महिला चाहे तो अपनी सीमाओं को तोड़कर रूढ़िवादिता को पीछे छोड़ सकती है। यह खिताब हर उस कामकाजी महिला और गृहिणी के लचीलेपन, संतुलन और सपनों का प्रतीक है जो अपनी नई पहचान बनाना चाहती हैं। मैं अपनी यह जीत देश की उन सभी महिलाओं को समर्पित करती हूँ जो परिवार और करियर के साथ समाज में चमकने का हौसला रखती हैं।"
नीलम ने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपने परिवार को देते हुए कहा कि उनके पति और बच्चों ने हर कदम पर उन्हें प्रेरित किया और उनका हौसला बढ़ाया।
शिक्षित और सशक्त महिला ही है मजबूत राष्ट्र की नींव
एक शिक्षिका के रूप में अपने दायित्वों को रेखांकित करते हुए नीलम ने कहा कि एक सशक्त और शिक्षित महिला ही एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। जब एक लड़की पढ़ती है, तो वह न केवल खुद का विकास करती है, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित करती है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो महिलाओं को मानसिक और आर्थिक रूप से स्वतंत्र और मजबूत बनाती है।


