सिविल अस्पताल लखनऊ में 26 सेमी और 450 ग्राम के जटिल पित्ताशय की सफल सर्जरी
लखनऊ, 15 सितंबर 2026। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, लखनऊ के शल्य विभाग की टीम ने एक जटिल मामले में करीब 26 सेंटीमीटर लंबे और 450 ग्राम वजनी पित्ताशय की सफल सर्जरी की है। बछरावां, रायबरेली निवासी 35 वर्षीय पुरुष मरीज में पित्ताशय मवाद से भरा हुआ था और आसपास के महत्वपूर्ण अंगों से मजबूती से चिपका होने के कारण ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण था।
शल्य विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक सर्जरी करते हुए पित्ताशय को आसपास की संरचनाओं से अलग कर सफलतापूर्वक निकाल लिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई गई है और उसकी चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है।
एक महीने से पेट दर्द, मितली और उल्टी से परेशान था मरीज
मरीज पिछले करीब एक महीने से लगातार पेट दर्द के साथ मितली और उल्टी की समस्या से परेशान था। 9 सितंबर 2026 को उसने सिविल चिकित्सालय के शल्य विभाग की ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श लिया। आवश्यक जांच एवं परीक्षण के बाद पित्ताशय में पथरी, मवाद और सूजन की स्थिति सामने आई।
चिकित्सकीय मूल्यांकन में क्रोनिक कोलेसिस्टाइटिस तथा एम्पायमा ऑफ गॉल ब्लैडर (मवाद से भरा पित्ताशय) की स्थिति पाई गई। इसके बाद मरीज को उसी दिन शल्य विभाग में भर्ती कर आवश्यक प्री-ऑपरेटिव तैयारी की गई और चोलेसिस्टेक्टॉमी (पित्ताशय निकालने की सर्जरी) की गई।
लिवर और बड़ी आंत से चिपका था पित्ताशय
ऑपरेशन के दौरान शल्य टीम को सामान्य स्थिति की तुलना में काफी जटिल परिस्थिति का सामना करना पड़ा। पित्ताशय मवाद से भरा हुआ था और अपने असामान्य आकार के कारण लिवर के पीछे तथा बड़ी आंत सहित आसपास की संरचनाओं से मजबूती से चिपका हुआ था।
ऐसी स्थिति में कॉमन बाइल डक्ट (CBD), रक्त वाहिकाओं और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षित पहचान करते हुए सर्जरी करना चुनौतीपूर्ण था। थोड़ी सी असावधानी से पित्त मार्ग अथवा रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचने का जोखिम था।
शल्य टीम ने अनुभव और सावधानी के साथ जेंटल डिसेक्शन तकनीक का उपयोग करते हुए धीरे-धीरे पित्ताशय को आसपास के ऊतकों से अलग किया। महत्वपूर्ण संरचनाओं की पहचान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद पित्ताशय को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। रक्तस्राव को नियंत्रित करते हुए ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से पूरा किया गया।
26 सेंटीमीटर लंबा और 450 ग्राम वजनी पित्ताशय
शल्य टीम के अनुसार निकाला गया पित्ताशय लगभग 26 सेंटीमीटर लंबा और 450 ग्राम वजन का था। चिकित्सकीय साहित्य में इससे बड़े पित्ताशय के मामले भी प्रकाशित हो चुके हैं। प्रेस नोट के अनुसार, International Journal of Surgery Case Reports में प्रकाशित एक रिपोर्ट में लगभग 30 सेंटीमीटर तक के पित्ताशय का उल्लेख मिलता है।
ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर
सर्जरी के बाद मरीज को शल्य विभाग में चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसे आवश्यक पोस्ट-ऑपरेटिव उपचार एवं देखभाल दी जा रही है। चिकित्सालय के अनुसार मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और वर्तमान में वह स्वस्थ एवं स्थिर है।
सर्जरी टीम में विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद मिश्रा के साथ जूनियर रेजिडेंट डॉ. विनोद कुमार वर्मा और डॉ. सचिन कुमार शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम से डॉ. डी.के. गुप्ता तथा ओटी असिस्टेंट डॉ. सुदेश कुमार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निदेशक ने टीम को दी बधाई
चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता ने सफल सर्जरी के लिए पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि समय पर सही निदान, उचित प्री-ऑपरेटिव तैयारी, अनुभवी शल्य एवं एनेस्थीसिया टीम तथा ऑपरेशन थिएटर के समन्वित प्रयासों से सिविल चिकित्सालय में जटिल मामलों का भी सुरक्षित उपचार संभव हो रहा है।
विभागाध्यक्ष डॉ. आनंद मिश्रा ने आमजन से अपील की कि लंबे समय तक रहने वाले पेट दर्द, मितली, उल्टी, अपच या पीलिया जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण होने पर समय रहते योग्य चिकित्सक से परामर्श और आवश्यक जांच कराना महत्वपूर्ण है।
