लखीमपुर में लोककला आधारित ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का शुभारंभ, विद्यार्थियों को मिलेगा पारंपरिक कला का प्रशिक्षण

Folk Art-Based Summer Workshop Launched in Lakhimpur; Students to Receive Training in Traditional Arts
 
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लखीमपुर। राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश तथा कमला दयाल फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से आयोजित लोककला आधारित ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का शुभारंभ आर्य जनता इंटर कॉलेज में उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा प्रतिभागियों को भारतीय लोककलाओं की समृद्ध विरासत से जोड़ना, उनकी रचनात्मक क्षमता को विकसित करना और पारंपरिक कला के संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य पुनीत प्रताप सिंह ने कहा कि भारतीय लोककलाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं नई पीढ़ी में कला के प्रति संवेदनशीलता, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति लगाव विकसित करने में अहम भूमिका निभाती हैं।

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कार्यशाला की संयोजिका श्रीमती आरती ने कहा कि यह आयोजन केवल कला सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को समझने का अवसर भी प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को विभिन्न लोककलाओं की बारीकियों का प्रशिक्षण अनुभवी कलाकारों द्वारा दिया जाएगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई दिशा मिल सके।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में कला के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले शिक्षकगण एवं सहयोगियों — राम कुमार, पवन, सुमित, सुमन, कमल सहित अन्य सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया। यह ग्रीष्मकालीन कार्यशाला आगामी 20 दिनों तक संचालित की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और कला प्रेमी हिस्सा लेंगे।

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