सुर कोकिला गौरी को ‘दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित , भावपूर्ण गायकी के लिए मिला ‘बेस्ट सिंगर’ अवॉर्ड

Nightingale of Melody, Gauri, honored with the 'Dadasaheb Phalke Award 2025'
Received the 'Best Singer' award for her soulful singing.
 
सुर कोकिला गौरी को ‘दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2025’ से सम्मानित , भावपूर्ण गायकी के लिए मिला ‘बेस्ट सिंगर’ अवॉर्ड

मुंबई। जानी-मानी गायिका गौरी त्रिपाठी को उनकी मंत्रमुग्ध कर देने वाली गायकी और भावनात्मक अभिव्यक्ति के लिए दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2025 (बेस्ट सिंगर) से सम्मानित किया गया। अपनी सधी हुई तकनीक, गहरी संवेदनशीलता और आत्मा को छू लेने वाली आवाज़ के कारण गौरी त्रिपाठी ने समकालीन भारतीय संगीत जगत में एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है।

मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में आयोजित इस भव्य समारोह में फिल्म और संगीत जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की। यह आयोजन भारतीय कला और संगीत को नया आयाम देने वाली रचनात्मक उपलब्धियों के उत्सव के रूप में यादगार रहा।

“एप्रिसिएशन टू द क्रिएशन” थीम के साथ हुआ आयोजन

दादासाहेब फाल्के चित्रपट यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह की थीम “एप्रिसिएशन टू द क्रिएशन” रही, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने और उन कलाकारों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिनकी प्रतिभा सीमाओं से परे गूंजती है। इस आयोजन ने रचनात्मकता, नवाचार और उत्कृष्टता की उस भावना को उजागर किया, जो भारतीय कला और संगीत की आत्मा है।

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भाव, कोमलता और शालीनता का अद्भुत संगम

गौरी त्रिपाठी की गायकी में मर्मस्पर्शी भाव, कोमलता और शालीनता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। उनकी मधुर आवाज़ और सूक्ष्म भावाभिव्यक्ति गीतों को जीवंत बना देती है। सुरों की शुद्धता के साथ भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने की उनकी विशिष्ट क्षमता ने उन्हें संगीत प्रेमियों का चहेता बनाया है।गीत की सुरीली धुन और भावपूर्ण शब्दों को अपनी गायकी से जीवंत कर देना ही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ।

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युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा

गौरी त्रिपाठी अपनी गायकी में तकनीकी सटीकता और भावनात्मक अभिव्यक्ति के बीच अद्भुत संतुलन बनाए रखती हैं। उनकी यह विशेषता उन्हें आधुनिक भारतीय संगीत की सबसे परिष्कृत और प्रभावशाली आवाज़ों में स्थान दिलाती है। निश्चित रूप से उनकी गायकी आने वाली पीढ़ी के युवा संगीतकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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सम्मान पाकर भावुक हुईं गौरी त्रिपाठी

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2025 प्राप्त करने पर गौरी त्रिपाठी ने दादासाहेब फाल्के चित्रपट यूनियन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा—दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड 2025 का यह सम्मान पाकर मैं अत्यंत गद्गद और अभिभूत हूं। संगीत मेरे हृदय के बहुत निकट है। मैं उस पूरी टीम की आभारी हूं, जिसने मेरे इस सुंदर सपने को साकार करने में सहयोग दिया।”

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भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान की ओर

गौरी त्रिपाठी जैसी प्रतिभाओं को सम्मानित कर दादासाहेब फाल्के चित्रपट यूनियन न केवल उत्कृष्ट कलाकारों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि नई पीढ़ी के कलाकारों को नए क्षितिज तलाशने और भारतीय संगीत कला को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी प्रेरित कर रहा है।

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