तुलसी जन्मभूमि राजापुर (गोंडा) का सर्वेक्षण: विकास को मिलेगा नया आयाम
उत्तर प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव सदाकांत शुक्ला ने 17 मार्च 2026 को लखनऊ से प्रस्थान कर तुलसी धाम राजापुर पहुंचकर विस्तृत सर्वेक्षण किया। यह स्थल महान संत और रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध है।
सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने तुलसीदास जी के पिता आत्माराम दुबे के नाम दर्ज 45 बीघा भूमि "आत्माराम टेपरा" का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के समुचित विकास और सुंदरीकरण पर विशेष जोर देते हुए सबसे पहले पानी की व्यवस्था के लिए ट्यूबवेल स्थापना को आवश्यक बताया।
उन्होंने पवित्र सरयू नदी और तुलसी घाट का भी अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि तुलसी जन्मभूमि बंधे से तुलसी घाट तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके।

इसके अतिरिक्त, तुलसी जन्मभूमि राजापुर (विकासखंड परसपुर, तहसील करनैलगंज) में स्थित प्रमुख स्थलों—तुलसी जन्मभूमि मंदिर, तुलसी भवन, तुलसी ओपन थिएटर, तुलसी कूप, तुलसी वाटिका और तुलसी मानस सरोवर—का भी निरीक्षण किया गया। ये सभी निर्माण उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा कराए गए हैं।
सर्वेक्षण के दौरान उन्होंने सनातन धर्म परिषद एवं श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही निकट भविष्य में इस पवित्र स्थल पर एक भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने के संकेत भी दिए।यह सर्वेक्षण न केवल ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले समय में तुलसी जन्मभूमि को एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
