स्वदेशी जागरण मंच ने छेड़ा ‘विदेशी कंपनी भारत छोड़ो’ अभियान
मैहतपुर बाजार में रैली निकालकर दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश
Sun, 10 Aug 2025
मैहतपुर (ऊना)। स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान के तहत रविवार को जिला ऊना के मुख्य बाजार मैहतपुर से "विदेशी कंपनी भारत छोड़ो" आंदोलन की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम में व्यापार मंडल के साथ-साथ कई सामाजिक संगठनों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
रैली के दौरान "ऑपरेशन सिंदूर जारी है, अब स्वदेशी की बारी है", "स्वदेशी अपनाओ – विदेशी भगाओ", "देश का मान बढ़ाना है, स्वदेशी वस्तुओं को अपनाना है" जैसे नारों से पूरा बाजार गूंज उठा। इस मौके पर व्यापार मंडल मैहतपुर–बसदेहड़ा के सदस्यों ने विदेशी वस्तुओं का त्याग करने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की शपथ ली।
स्वदेशी जागरण मंच के जिला पूर्णकालिक कार्यकर्ता सत्यदेव शर्मा सहोड़ ने कहा कि लोग अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करके ‘ट्रंप टैरिफ’ का जवाब दें और अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था, व्यापारी और छोटे-बड़े दुकानदार तभी सशक्त होंगे जब लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के बजाय स्थानीय बाजार से स्वदेशी सामान खरीदेंगे।
उन्होंने बताया कि मंच वर्ष 1991 से निरंतर देशभर में स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वदेशी अपनाओ’ आह्वान को समर्थन देते हुए उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं की खरीद-बिक्री भी राष्ट्र सेवा का एक रूप है। 12 जून 2025 को शुरू हुआ स्वदेशी सुरक्षा एवं स्वावलंबन अभियान का उद्देश्य भारत को पुनः एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है, जिसे प्रधानमंत्री ‘मीगा’ यानी Make India Great Again के नाम से संबोधित करते हैं।
व्यापार मंडल मैहतपुर–बसदेहड़ा के प्रधान सुभाष ऐरी ने कहा कि आज विश्व स्तर पर अमेरिका, चीन और अन्य देश अपने उत्पादों की सुरक्षा के लिए संरक्षणवादी नीतियां अपना रहे हैं। ऐसे में भारत को भी अपनी घरेलू उत्पादकता और बाजार की रक्षा करनी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि चीन सस्ते और निम्न-गुणवत्ता वाले उत्पाद भारत में डंप कर रहा है, जिससे न केवल उद्योगों को नुकसान हो रहा है, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता भी खतरे में है।
पूर्व अध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि यह केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। स्वदेशी आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का अहम अध्याय रहा है और आज भी इसकी प्रासंगिकता बरकरार है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे विदेशी उत्पादों—विशेषकर चीन, तुर्की और अन्य विरोधी देशों के सामान—का बहिष्कार करें, विदेशी विश्वविद्यालयों की ओर आकर्षण कम करें और स्थानीय उत्पादों व कारीगरों को प्राथमिकता दें। साथ ही, उन्होंने अमेज़न और वॉलमार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों पर नियंत्रण की आवश्यकता भी जताई, जो भारतीय खुदरा व्यापार को प्रभावित कर रही हैं।
कार्यक्रम में सतीश कुमार, दीपक जोशी, विवेक शर्मा, संजीव सचदेवा, के.एल. पूरी, नोनी, अश्वनी कुमार, दीपक मनोचा, संजीव भारद्वाज, बबीता कुमारी, देवेश कुमार, जितेंद्र वाली, नरेंद्र कुमार, अशोक कुमार, अरुण कुमार, बंटी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
