स्वामी विवेकानंद के विचार राष्ट्र निर्माण का आधार: स्वामी मुक्तिनाथनंद जी से मिले मीडिया काउंसिल के सचिव श्रीश सिंह
युवा कलाकार की कृति ने मोहा मन
इस विशेष अवसर पर श्रीश सिंह ने स्वामी जी को स्वामी विवेकानंद की एक अत्यंत मनमोहक और ओजस्वी पेंटिंग भेंट की। इस कलाकृति को उत्तर प्रदेश के उभरते युवा कलाकार धीरेन्द्र प्रताप ने तैयार किया है। पेंटिंग में स्वामी विवेकानंद के तेजस्वी व्यक्तित्व को जिस जीवंतता से उकेरा गया है, उसकी सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
"विवेकानंद भारत की आत्मा के प्रतीक"
भेंट के दौरान स्वामी मुक्तिनाथनंद जी महाराज ने स्वामी विवेकानंद की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए कहा स्वामी विवेकानंद केवल एक विचारक नहीं, बल्कि भारत की आत्मा के प्रतीक थे। उनका उद्घोष—'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो'—आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।"
उन्होंने समाज को जागरूक करने में मीडिया की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि मीडिया काउंसिल जैसे संगठनों को विवेकानंद के विचारों को युवाओं तक पहुँचाने की दिशा में निरंतर कार्य करना चाहिए।
मीडिया की जिम्मेदारी और नैतिक मूल्य
मीडिया काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव ठा. श्रीश सिंह ने कहा कि स्वामी जी के आदर्श युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने संगठन के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:
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सकारात्मक सोच: मीडिया का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज में राष्ट्रहित की भावना जगाना है।
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नैतिकता: पत्रकारों को अधिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
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युवा प्रतिभा को प्रोत्साहन: उन्होंने पेंटिंग बनाने वाले कलाकार धीरेन्द्र प्रताप की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभावान युवाओं को मंच देना समाज की जिम्मेदारी है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस वैचारिक चर्चा और भेंट कार्यक्रम के दौरान कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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अखिल त्रिपाठी (अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मीडिया काउंसिल ऑफ इंडिया)
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डॉ. विशाल कुमार सिंह (संस्थान प्रतिनिधि)
इस मिलन ने न केवल आध्यात्म और मीडिया के बीच एक सेतु बनाने का कार्य किया, बल्कि राष्ट्र निर्माण में महापुरुषों के विचारों की महत्ता को भी पुनः स्थापित किया।
