स्पिक मैके के बांसुरी वादन कार्यक्रम में बही सुरों की मधुर बयार
गोंडा / बलरामपुर।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था स्पिक मैके, संस्कृति मंत्रालय उत्तर प्रदेश तथा भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय बांसुरी वादन कार्यक्रम के दूसरे दिन सुरों और तालों की अनोखी संगति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
13 नवंबर को गोंडा के एल. बी. एस. पी. जी. कॉलेज में आयोजित दूसरे दिन के प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य कलाकार संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित चेतन जोशी, तबला वादक डॉ. निशांत कुमार सिंह, कॉलेज की प्रबंध समिति की उपाध्यक्ष वर्षा सिंह, सचिव उमेश शाह तथा प्राचार्य प्रो. आर. के. पांडेय ने दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।

कार्यक्रम की शुरुआत राग देसी से हुई, जिसने वातावरण को सुरमयी बना दिया। इसके बाद जब पंडित चेतन जोशी की बांसुरी से ‘अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम’ की मधुर धुन गूंजी, तो पूरा सभागार भक्ति भाव से सराबोर हो उठा। श्रोताओं ने तालियों की गूंज से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। कलाकारों का स्वागत प्रो. जितेंद्र सिंह, प्रो. अमन चंद्रा और डॉ. ममता शुक्ला ने किया।

कार्यक्रम का दूसरा सत्र सिद्धि विनायक महाविद्यालय में आयोजित हुआ, जहां बांसुरी और तबले की जुगलबंदी ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ. ओ. पी. मिश्र और आशीष पाठक ने अतिथियों का स्वागत किया। संगीत संध्या की शुरुआत राग शुद्ध सारंग से हुई। पंडित चेतन जोशी और डॉ. निशांत कुमार सिंह ने अपनी प्रस्तुति में झाला, बंदिश और ‘राम राम आयेंगे’ की मधुर धुनों से ऐसा सुरलोक रचा कि सभागार तालियों से गूंज उठा।
संगीत की यह शाम शास्त्रीय परंपरा और भारतीय संस्कृति की गरिमा का जीवंत उदाहरण रही। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और संगीत प्रेमियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भारतीय संगीत के इस अद्भुत अनुभव का आनंद लिया।
