T20 World Cup 2026: ऑस्ट्रेलिया से हारकर विश्व कप से बाहर हुई टीम इंडिया, टूटे दिल से कप्तान हरमनप्रीत ने अपनी ही टीम को घेरा
Australia Women vs India Women, 30th Match, Group A, ICC Women's T20 World Cup 2026 - आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 से भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के हाथों 6 विकेट की करारी शिकस्त झेलने के बाद भारतीय महिला टीम का विश्व कप जीतने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया है। इस हार के साथ ही टीम इंडिया आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।
इस बड़े उलटफेर और खिताबी रेस से बाहर होने के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर का दर्द छलक उठा। मैच के बाद उन्होंने बेहद कड़े शब्दों में बड़ी टीमों के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों के रवैये और खेल के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े किए।
"कैच छोड़ना भारी पड़ा, पर हम मैच में थे" — हरमनप्रीत
मुकाबले के बाद आयोजित प्रेजेंटेशन सेरेमनी में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मैच का विश्लेषण करते हुए कहा कि टीम ने बोर्ड पर एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। उन्होंने कहा: जब मैं क्रीज पर बल्लेबाजी कर रही थी, तब एक समय लगा कि हमारे रन थोड़े कम रह गए हैं। लेकिन अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरकर हम एक सम्मानजनक योग तक पहुँचने में सफल रहे। मुकाबला काफी अच्छा और कड़ा था, लेकिन दुर्भाग्य से नतीजा हमारे पक्ष में नहीं रहा। मैदान पर हमसे जो कैच छूटे, वे अंत में हमारे लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुए। इसके बावजूद मुझे गर्व है कि लड़कियों ने आखिरी समय तक हार नहीं मानी।"
बड़ी टीमों के सामने फेल हो रही है रणनीति: कप्तान का तीखा वार
पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया के उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी टीम की कमियों को उजागर किया। उन्होंने साफ तौर पर माना कि टीम अपने तय मानकों (Standards) के अनुरूप नहीं खेल सकी।
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प्रदर्शन पर आत्ममंथन की जरूरत: हरमनप्रीत ने कहा कि जब आप विश्व की सबसे बेहतरीन टीमों के खिलाफ मैदान पर उतरते हैं, तो आपका सर्वश्रेष्ठ खेल सामने आना चाहिए। लेकिन हम बड़ी टीमों के सामने बिखर गए।
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रन गति पर ब्रेक: ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने अपनी रणनीति के मुताबिक कसी हुई गेंदबाजी की। हालांकि हमने शुरुआत में ज्यादा विकेट नहीं गंवाए, लेकिन जिस रन गति (Run Rate) की हमें दरकार थी, वह हम हासिल नहीं कर सके।
अब कड़े और बड़े सुधारों का समय
कप्तान ने भविष्य की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह समस्या काफी लंबे समय से चली आ रही है और अब इस पर ठोस एक्शन लेने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि टीम कई बार मजबूत स्थिति में होने के बावजूद आखिरी ओवरों में बहुत ज्यादा रन लुटा देती है, वहीं बड़े लक्ष्यों का पीछा करते समय हमारी बल्लेबाजी का क्रम ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है। एक टीम के रूप में हमें अपनी मानसिकता और खेल शैली पर फिर से विचार करना होगा।
