टाटा मोटर्स ने लखनऊ प्लांट में 10 लाख कमर्शियल वाहनों का उत्पादन कर रचा इतिहास
लखनऊ, 15 अप्रैल 2026: टाटा मोटर्स ने अपने लखनऊ स्थित प्लांट में 10 लाखवें कमर्शियल वाहन का उत्पादन कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह माइलस्टोन उत्तर प्रदेश में कंपनी के 35 वर्षों से अधिक के औद्योगिक योगदान, कौशल विकास और रोजगार सृजन की मजबूत विरासत को दर्शाता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत प्लांट से निकला 10 लाखवां वाहन एक शून्य-उत्सर्जन इलेक्ट्रिक बस है, जो स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन के प्रति कंपनी और राज्य सरकार की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पहल राज्य के 2070 तक ‘नेट-जीरो’ लक्ष्य और कंपनी के 2045 तक के पर्यावरणीय संकल्प के अनुरूप है।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इलेक्ट्रिक बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, टाटा मोटर्स के एमडी एवं सीईओ गिरीश वाघ समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि को प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य और प्रतिभा का प्रतीक बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में ऐसे उद्योगों की अहम भूमिका है। उन्होंने राज्य में निवेश, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी को उद्योगों के लिए अनुकूल बताया।
1992 में स्थापित यह प्लांट आज देश के प्रमुख कमर्शियल वाहन निर्माण केंद्रों में शामिल है। लगभग 600 एकड़ में फैली इस आधुनिक इकाई में ट्रक, बसें, इलेक्ट्रिक और फ्यूल-सेल वाहन तैयार किए जाते हैं। यहाँ 8,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है और यह 100% नवीकरणीय ऊर्जा पर संचालित होने के साथ ‘वॉटर पॉजिटिव’ भी है।
कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के साथ टाटा मोटर्स की मजबूत साझेदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कंपनी भविष्य के लिए तैयार और टिकाऊ ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। यह माइलस्टोन न केवल औद्योगिक उत्कृष्टता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे उद्योग, सरकार और समाज मिलकर सतत विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा दे सकते हैं।
