टाटा मुंबई मैराथन 2026: कदमों से लिखा बदलाव का इतिहास, चैरिटी में बना नया रिकॉर्ड
मुंबई (अनिल बेदाग): शहर की ऊर्जा, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों को एक सूत्र में बांधने वाली टाटा मुंबई मैराथन 2026 ने इस बार सिर्फ दौड़ का आयोजन नहीं किया, बल्कि बदलाव की एक प्रेरक कहानी गढ़ी। 21वें संस्करण के उपलक्ष्य में आयोजित “एन ईवनिंग ऑफ ग्रेटिट्यूड” कार्यक्रम में इस उपलब्धि का जश्न मनाया गया, जहां इसे एक जनआंदोलन के रूप में सराहा गया।
“हर दिल मुंबई” की भावना से ओत-प्रोत इस आयोजन ने ₹60.68 करोड़ की रिकॉर्ड चैरिटी जुटाकर नया इतिहास रचा। सैकड़ों गैर-सरकारी संगठनों और हजारों प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित किया कि जब उद्देश्य स्पष्ट हो, तो सामूहिक प्रयास असाधारण परिणाम दे सकते हैं।
इस पहल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मुंबई पुलिस, यूनाइटेड वे मुंबई और एडवेंचर्स बियॉन्ड बैरियर्स फाउंडेशन जैसी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने आयोजन को सुरक्षित, समावेशी और प्रभावशाली बनाया।
कार्यक्रम के दौरान कई प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार साझा किए। राहुल नार्वेकर ने इसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों का उत्सव बताया, जबकि छगन भुजबल ने इसे मुंबई की एकता और जज़्बे का प्रतीक कहा। रितु तावड़े ने इसे शहर की सामूहिक शक्ति का उदाहरण बताया, वहीं एड्रियन टेरॉन और जॉर्ज ऐकारा ने इस मंच को उद्देश्यपूर्ण साझेदारियों और सामाजिक योगदान का सशक्त माध्यम बताया।
दरअसल, यह आयोजन केवल दौड़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन अनगिनत कहानियों का उत्सव बना, जहां लोग समाज में बदलाव लाने के लिए एकजुट हुए। टाटा मुंबई मैराथन ने एक बार फिर यह साबित किया कि जब एक शहर दिल से दौड़ता है, तो वह केवल फिनिश लाइन पार नहीं करता, बल्कि एक बेहतर और संवेदनशील भविष्य की ओर भी कदम बढ़ाता है।
