शिक्षकों को पाठ तैयारी से प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर मिलेगा शैक्षिक सहयोग : संदीप सिंह
लखनऊ, 12 अगस्त 2026। बेहतर कक्षा शिक्षण की शुरुआत शिक्षक की बेहतर तैयारी से होती है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में शिक्षकों को आवश्यक अकादमिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 3.81 करोड़ रुपये से अधिक की लिमिट जारी की है।
इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी और गणित विषय के शिक्षकों को संदर्शिका एवं शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में अलग से 42.61 लाख रुपये की लिमिट जारी की गई है।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर आवश्यक शैक्षिक सहयोग उपलब्ध हो। संदर्शिका और शिक्षक डायरी इसी शिक्षक-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
75 जिलों के लिए 338.54 लाख रुपये की लिमिट
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से कक्षा 1 से 5 तक हिंदी एवं गणित की संदर्शिका तथा शिक्षक डायरी के मुद्रण और आपूर्ति के लिए सभी 75 जिलों को कुल 338.54 लाख रुपये की लिमिट जारी की गई है।
इस राशि में:
- संदर्शिका के मुद्रण के लिए 172.35 लाख रुपये
- शिक्षक डायरी के लिए 152.91 लाख रुपये
- मुद्रित सामग्री के परिवहन के लिए 13.27 लाख रुपये
शामिल हैं।
शिक्षकों को पाठ योजना बनाने में मिलेगी मदद
संदर्शिका का उद्देश्य शिक्षकों को पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को बेहतर तरीके से समझाने, शिक्षण गतिविधियों की योजना तैयार करने और कक्षा की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में सहायता देना है।
वहीं शिक्षक डायरी के माध्यम से शिक्षक अपनी कक्षा कार्ययोजना, शिक्षण गतिविधियों और पाठ की तैयारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से दर्ज एवं संचालित कर सकेंगे।
कक्षा 6 से 8 के शिक्षकों के लिए भी विशेष व्यवस्था
कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट जारी की गई है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय पाठ की तैयारी, प्रस्तुतीकरण और कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के लिए आवश्यक अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
समय पर विद्यालयों तक पहुंचाई जाएगी सामग्री
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संदर्शिका और शिक्षक डायरी की आपूर्ति तथा विद्यालय स्तर तक उनके वितरण को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देशों में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है कि शिक्षकों को पूरे शैक्षिक सत्र के दौरान आवश्यक शिक्षण सामग्री के लिए इंतजार न करना पड़े। सरकार की इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सीखने के अनुभव को मजबूत करना है।
