टीम लखनऊ ने निभाया अपना संकल्प, 50 अग्नि पीड़ित परिवारों को फिर से बसाया
राख के ढेर से उठी उम्मीद—इंसानियत की मिसाल बनी टीम लखनऊ
Tue, 28 Apr 2026
लखनऊ: विकासनगर क्षेत्र में 15 अप्रैल को लगी भीषण आग ने पूरी बस्ती को तबाह कर दिया था। इस दर्दनाक अग्निकांड में करीब 450 झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। इस त्रासदी ने लोगों के घर ही नहीं, बल्कि उनके सपनों और जीवनभर की मेहनत को भी निगल लिया।
ऐसे मुश्किल समय में सामाजिक संस्था टीम लखनऊ ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। संस्था के सदस्यों और मस्जिद अज़हर कमेटी के जिम्मेदारों ने तुरंत पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का आकलन किया और विस्तृत सर्वे के बाद सबसे जरूरतमंद 50 परिवारों को चिन्हित किया।
ऐसे मुश्किल समय में सामाजिक संस्था टीम लखनऊ ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। संस्था के सदस्यों और मस्जिद अज़हर कमेटी के जिम्मेदारों ने तुरंत पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति का आकलन किया और विस्तृत सर्वे के बाद सबसे जरूरतमंद 50 परिवारों को चिन्हित किया। इन परिवारों को सबसे पहले अस्थायी आश्रय के लिए टट्टर, तिरपाल, बांस और प्लास्टिक उपलब्ध कराए गए, ताकि वे फिर से अपने सिर पर छत खड़ी कर सकें। इसके बाद घरेलू उपयोग का जरूरी सामान देकर उनके जीवन को सामान्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

इंदिरा नगर के पानी गांव स्थित टीम लखनऊ कार्यालय में आयोजित वितरण कार्यक्रम में मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली की सरपरस्ती में मौलाना काल्बे सिबतैंन नूरी, लखनऊ पश्चिम के विधायक अरमान खान, वरिष्ठ समाजसेवी मुरलीधर आहूजा और संस्था की संरक्षक निगहत खान की उपस्थिति में 50 परिवारों को सहायता सामग्री प्रदान की गई।
सिर्फ राहत सामग्री ही नहीं, बल्कि जिनकी साइकिलें, सिलाई मशीनें और रोज़गार के ठेले आग में नष्ट हो गए थे, उन्हें नए साधन भी उपलब्ध कराए गए, ताकि वे दोबारा आत्मनिर्भर बन सकें।
इस अवसर पर टीम लखनऊ के अध्यक्ष मुर्तुजा अली ने कहा आपके घर जले हैं, लेकिन आपका हौसला नहीं। अब आप अपने काम पर वापस जाइए। अगर किसी भी चीज़ की जरूरत हो, तो टीम लखनऊ हर समय आपके साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि अन्य जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें भी हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। वक्ताओं ने टीम लखनऊ के इस प्रयास को इंसानियत की मिसाल बताते हुए कहा कि आपदा के समय ऐसी पहल समाज को एकजुट करने का काम करती है।
अंत में सभी 50 परिवारों को सम्मानपूर्वक आवश्यक सामग्री देकर विदा किया गया। यह केवल राहत वितरण नहीं, बल्कि टूटे हुए हौसलों को फिर से संवारने, उम्मीद जगाने और इंसानियत को जीवित रखने का प्रेरणादायक प्रयास था।एक बार फिर यह साबित हुआ कि जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तो राख से भी नई जिंदगी और नई उम्मीदें जन्म लेती हैं।
