तकनीकी नवाचार और ग्रामीण पहुंच से भारत में वित्तीय सुरक्षा की नई राह
लखनऊ। भारत में जीवन बीमा की पहुंच बढ़ाने की राह में उत्पादों की उपलब्धता के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच, ग्राहकों का भरोसा और प्रक्रियाओं की जटिलता जैसी चुनौतियां भी महत्वपूर्ण रही हैं। इन्हीं चुनौतियों को तकनीक और मजबूत डेटा आर्किटेक्चर के माध्यम से अवसर में बदलने की दिशा में श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस ने ग्रामीण, अर्ध-शहरी और शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों तक वित्तीय सुरक्षा पहुंचाने पर जोर दिया है।
कंपनी के अनुसार, ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल तकनीक, सरल प्रक्रियाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति के जरिए बीमा सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
एस्ट्रा ऐप से 95 फीसदी कारोबार पेपरलेस
श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस की डिजिटल रणनीति में ‘एस्ट्रा’ ऐप को महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। कंपनी के मुताबिक, एजेंट-फेसिंग तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से उसका करीब 95 फीसदी कारोबार पूरी तरह पेपरलेस हो चुका है।
कंपनी का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया से दस्तावेजी कामकाज कम हुआ है और बीमा प्रक्रिया में लगने वाला समय भी घटा है। इसका लाभ विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले ग्राहकों तक बीमा सेवाएं पहुंचाने में मिल रहा है।
ग्रामीण बाजार में बढ़ी हिस्सेदारी
वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से कंपनी ने ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाई है। कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, FY25 में रिटेल नए कारोबार की पॉलिसियों में ग्रामीण बाजार की हिस्सेदारी 35 फीसदी थी, जो FY26 में बढ़कर 53 फीसदी हो गई।
कंपनी के अनुसार, कम प्रीमियम वाली बीमा योजनाओं पर भी उसका विशेष फोकस है। जहां निजी उद्योग का औसत टिकट साइज ₹98,278 बताया गया है, वहीं मार्च 2026 तक श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस का औसत टिकट साइज ₹27,823 रहा। कंपनी का दावा है कि इससे बीमा उत्पाद व्यापक ग्राहक वर्ग के लिए अधिक सुलभ हो रहे हैं।
FY26 के दौरान कंपनी ने कुल 5,41,409 नई पॉलिसियां बेचीं।
98.5 फीसदी रहा क्लेम सेटलमेंट रेशियो
ग्राहकों का विश्वास बनाए रखने के लिए दावा निपटान को भी कंपनी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करती है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में 77,790 क्लेम्स का निपटारा किया गया और इसके तहत करीब ₹795 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया।
इसी अवधि में कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो 98.5 फीसदी रहा। कंपनी के अनुसार, त्वरित और भरोसेमंद दावा निपटान प्रक्रिया ग्राहकों के बीच विश्वास मजबूत करने में सहायक रही है।
लगातार बढ़ रहा वित्तीय कारोबार
श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस के अनुसार, FY22 की तुलना में कंपनी का आकार करीब तीन गुना बढ़ा है। हालिया वित्तीय आंकड़ों में भी कारोबार में वृद्धि दर्ज की गई है।
राशि करोड़ रुपये में:
- व्यक्तिगत नया व्यवसाय प्रीमियम: Q1 FY27 में ₹314.6 करोड़, जबकि Q1 FY26 में ₹256.8 करोड़।
- ग्रुप प्रीमियम: Q1 FY27 में ₹197.9 करोड़, जबकि Q1 FY26 में ₹150.1 करोड़।
- कुल प्रीमियम: Q1 FY27 में ₹930.3 करोड़, जबकि Q1 FY26 में ₹863.5 करोड़।
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक वृद्धि दर भी लगातार मजबूत रही है। FY23 में 24 फीसदी, FY24 में 39 फीसदी, FY25 में 45 फीसदी और FY26 में 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
तकनीक, सरल बीमा प्रक्रियाओं और ग्रामीण बाजार पर बढ़ते फोकस के जरिए श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस वित्तीय सुरक्षा को अधिक व्यापक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में अपने मॉडल को आगे बढ़ा रही है। कंपनी का जोर डिजिटल नवाचार के साथ ऐसे बीमा समाधान उपलब्ध कराने पर है, जिन्हें ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के ग्राहक भी आसानी से समझ और अपना सकें।
