तहसीलदार महिमा मिश्रा ने की मिसाल कायम – बाढ़ पीड़ितों तक निजी खर्च से पहुँचा भोजन

Tehsildar Mahima Mishra set an example – food was provided to flood victims at her own expense
 
Tehsildar Mahima Mishra set an example – food was provided to flood victims at her own expense
रामसनेहीघाट (बाराबंकी)।
मानवता की मिसाल पेश करते हुए तहसीलदार महिमा मिश्रा लगातार सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद में जुटी हुई हैं। पूरेडलई विकासखंड के तटवर्ती इलाकों में चारों ओर जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जहां लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से नावों के माध्यम से राहत सामग्री और भोजन पहुंचाया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह और शाम करीब 3000 से अधिक जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

शनिवार को तहसीलदार महिमा मिश्रा ने अपने निजी खर्च पर पूड़ी, सब्ज़ी, गलका और हलुआ वितरित करवाया। इस पहल से बच्चों और महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रभावित परिवार प्रशासन की नाव का बेसब्री से इंतजार करते हैं ताकि उन्हें समय पर भोजन और राहत सामग्री मिल सके।
बाढ़ग्रस्त परिवारों ने बताया कि घरों के चारों ओर पानी भरे होने से जीवन कठिन हो गया है, लेकिन प्रशासन और स्थानीय स्तर पर मिल रही सहायता से उन्हें राहत महसूस हो रही है। उन्होंने तहसीलदार महिमा मिश्रा की पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
महिमा मिश्रा ने कहा कि तहसील दिवस की व्यस्तता के चलते वे स्वयं वितरण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं, लेकिन प्रशासन लगातार हर संभव मदद बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।

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