दिल्ली में आधी रात चला बुलडोज़र, फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास कार्रवाई के दौरान तनाव

Bulldozers rolled into action in Delhi at midnight; tensions rose during the operation near Faiz-e-Ilahi Mosque.
 
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आधी रात को अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़े पैमाने पर बुलडोज़र कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास की गई, जहां डेमोलेशन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कार्रवाई के विरोध में कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। दिल्ली के 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया था। इसके साथ ही करीब एक हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे।डेमोलेशन अभियान में 15 से अधिक जेसीबी मशीनें लगाई गईं, जबकि मलबा हटाने के लिए 70 से ज्यादा डंपरों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा 150 से अधिक एमसीडी कर्मचारी भी अभियान में शामिल रहे।प्रशासन का कहना है कि जिन ढांचों को गिराया गया, वे सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माण थे और यह पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश और कानून के दायरे में की गई है।

वहीं, मस्जिद कमेटी ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। कमेटी का दावा है कि संबंधित ढांचा करीब 100 वर्ष पुराना है और इसे अवैध निर्माण नहीं माना जाना चाहिए। कमेटी ने इस मामले को लेकर अदालत में याचिका भी दाखिल की थी, हालांकि उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।

फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। दिल्ली के 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अधिकारियों को मौके पर तैनात किया गया था। इसके साथ ही करीब एक हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए थे।

डेमोलेशन अभियान में 15 से अधिक जेसीबी मशीनें लगाई गईं, जबकि मलबा हटाने के लिए 70 से ज्यादा डंपरों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा 150 से अधिक एमसीडी कर्मचारी भी अभियान में शामिल रहे।प्रशासन का कहना है कि जिन ढांचों को गिराया गया, वे सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माण थे और यह पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश और कानून के दायरे में की गई है।

वहीं, मस्जिद कमेटी ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। कमेटी का दावा है कि संबंधित ढांचा करीब 100 वर्ष पुराना है और इसे अवैध निर्माण नहीं माना जाना चाहिए। कमेटी ने इस मामले को लेकर अदालत में याचिका भी दाखिल की थी, हालांकि उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।फिलहाल इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

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