‘आभार प्रधानमंत्री जी, डबल इंजन सरकार ने बदल दी हम महिलाओं की जिंदगी’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने उत्तर पत्र में लिखा श्रीमती अरुणा श्री जी, नमस्कार। हमारे प्रयासों से आपके जीवन में जो सुखद बदलाव आए हैं, उन्हें पत्र के माध्यम से मुझसे साझा करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। देश की करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों का आशीर्वाद एवं नेह मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा, सबसे बड़ी ताकत है। मुझे विश्वास है कि आप सभी का सहयोग विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
उज्ज्वला योजना से बदली रसोई और जिंदगी
अपने पत्र में अरुणा श्री ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी, जब एलपीजी गैस कनेक्शन पाना आसान नहीं था। गैस के लिए लंबा इंतजार, सिफारिशें, बुकिंग की कतारें और भरे सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर आम बात थी। कई बार मजबूरी में ब्लैक में गैस खरीदनी पड़ती थी, जिससे आर्थिक बोझ और मानसिक तनाव बढ़ जाता था।
अरुणा श्री ने लिखा कि वर्ष 2014 के बाद उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, मोबाइल से बुकिंग, घर पर सिलेंडर डिलीवरी और सब्सिडी के सीधे बैंक खाते में आने जैसी सुविधाओं ने आम महिलाओं के जीवन को काफी आसान बना दिया है।
छोटी घटना, बड़ा बदलाव
पत्र में अरुणा श्री ने एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक दिन खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म हो गई। पहले ऐसे हालात में पूरा काम ठप हो जाता था, लेकिन इस बार उनके पति के एक फोन पर मात्र 15 मिनट में भरा हुआ सिलेंडर घर पहुंच गया और समय पर भोजन बन सका। अरुणा ने लिखा कि भले ही यह घटना छोटी लगे, लेकिन ऐसे ही छोटे-छोटे बदलावों ने महिलाओं के जीवन को अधिक सुरक्षित, सहज और सम्मानजनक बना दिया है।
पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जवाब में कहा कि ऐसे आत्मीय पत्र उन्हें राष्ट्रसेवा के लिए नई ऊर्जा देते हैं। उन्होंने बिजली, पानी, शौचालय, पक्का मकान, उज्ज्वला योजना, बैंकिंग सुविधाएं और मुद्रा योजना जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से देश की महिलाएं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने महिलाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत पर गर्व व्यक्त किया।
अरुणा श्री का पत्र इस बात का प्रमाण है कि जब सरकारी योजनाएं सही ढंग से आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ योजनाएं नहीं रह जातीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में आत्मविश्वास, संतोष और गरिमा का संचार करती हैं। यही विकसित होते भारत की असली तस्वीर है।
