बलरामपुर में 11 अक्टूबर से शुरू होगी 63वीं रामलीला, भरत मिलाप शोभायात्रा रहेगा मुख्य आकर्षण
बलरामपुर। श्रीश्री 108 सत्य प्रचारिणी रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित होने वाली 63वीं रामलीला को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रामलीला मैदान में होने वाले आयोजन की तैयारियों के संबंध में समिति की बैठक अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मंचन की रूपरेखा, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
समिति अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रामलीला का मंचन 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 9 बजे से देर रात 2 बजे तक किया जाएगा। रामलीला देखने के लिए नगर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसे देखते हुए दर्शकों के लिए बैठने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
रामकथा के प्रमुख प्रसंगों का होगा मंचन
रामलीला में भगवान श्रीराम के जीवन और रामकथा से जुड़े विभिन्न प्रमुख प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। गणेश पूजा और मुकुट पूजा के बाद विश्वमोहिनी, नारद मोह, राम जन्मोत्सव, विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, मारीच-सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार और फुलवारी लीला जैसे प्रसंगों का मंचन होगा।
इसके अलावा रावण-बाणासुर संवाद, धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद, सीता स्वयंवर, दशरथ प्रतिज्ञा, राम वनगमन, राम-केवट संवाद, चित्रकूट में राम-भरत मिलाप, सीता हरण, खर-दूषण वध और शबरी की नवधा भक्ति को भी मंच पर जीवंत किया जाएगा।राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकरण वध, मेघनाद वध और रावण वध के बाद राम राज्याभिषेक और भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा।
भरत मिलाप शोभायात्रा रहेगा प्रमुख आकर्षण
रामलीला आयोजन में भरत मिलाप शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर रामलीला मैदान पहुंचेगी। इसके बाद हवन-विसर्जन के साथ रामलीला कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शर्मा ने बताया कि बलरामपुर की रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपरा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस वर्ष लखीमपुर खीरी के न्यू आदर्श विजय रामलीला मंडल के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। आयोजन के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. तुलसीश दुबे ने कहा कि रामलीला के आयोजन का उद्देश्य समाज को धर्म और संस्कृति से जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों और मर्यादा से परिचित कराना है। उन्होंने बताया कि आयोजन को लेकर प्रशासन और पुलिस का सहयोग मिल रहा है। श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव, कार्यवाहक महामंत्री राम प्यारे कश्यप, महामंत्री राधेश्याम मिश्रा, कोषाध्यक्ष विजय कश्यप, ऑडिटर राजा राम यादव, सुनील कसेरा, अम्बरीष शुक्ल, संजय शुक्ला, भानु तिवारी और रजत प्रकाश सहित समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
