लखनऊ मण्डल के स्कूलों में 'सड़क सुरक्षा समिति' की सक्रियता अनिवार्य, 29 जून को महासमीक्षा करेंगे मण्डलायुक्त

'Road Safety Committees' must be active in schools across the Lucknow Division; the Divisional Commissioner will conduct a comprehensive review on June 29.
 
लखनऊ मण्डल के स्कूलों में 'सड़क सुरक्षा समिति' की सक्रियता अनिवार्य, 29 जून को महासमीक्षा करेंगे मण्डलायुक्त

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई से नए शैक्षिक सत्र 2026-27 का आगाज होने जा रहा है। स्कूलों के खुलने से पहले योगी सरकार और प्रशासन छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। लखनऊ मण्डल के समस्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए गठित 'जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों' के कामकाज की मण्डलायुक्त (Commissionerate) द्वारा लगातार कड़ाई से समीक्षा की जाएगी।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले स्कूलों और वाहन स्वामियों को बख्शा नहीं जाएगा।

29 जून को प्रस्तावित है मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आगामी 29 जून 2026 को मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की एक हाई-लेवल बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में लखनऊ मण्डल के सभी 6 जिलों के अंतर्गत चालू कैलेंडर वर्ष 2026 में की गई कार्यवाहियों का पूरा ब्योरा तलब किया जाएगा। समीक्षा के दायरे में आने वाले जिले इस प्रकार हैं:

  1. लखनऊ

  2. हरदोई

  3. उन्नाव

  4. रायबरेली

  5. लखीमपुर खीरी

  6. सीतापुर

बैठक के दौरान इन सभी जिलों में गठित 'जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति' और 'जिला स्कूल वाहन परिवहन सुरक्षा समिति' द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की गहन समीक्षा (Review) होगी।

स्कूली वाहनों की फिटनेस और वेरिफिकेशन पर रहेगा मुख्य फोकस

डॉ. दिनेश कुमार के मुताबिक, इस महासमीक्षा बैठक का मुख्य एजेंडा स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके तहत मण्डल स्तर पर निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़ाई से जांच की जाएगी:

  • फिटनेस की जांच: क्या स्कूली बसें, वैन और अन्य वाहन पूरी तरह फिट हैं?

  • दस्तावेजों का सत्यापन (Verification): वाहनों के परमिट, इंश्योरेंस और चालकों के लाइसेंस का सत्यापन।

  • सक्रियता अनिवार्य: विद्यालयों में गठित समितियों को कागजों से निकलकर धरातल पर सक्रिय होना पड़ेगा।

संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सभी DIOS को जारी किए कड़े निर्देश

नया सत्र शुरू होने से पहले इस अभियान को अमलीजामा पहनाने के लिए शिक्षा विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मण्डल) डॉ. प्रदीप कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए लखनऊ मण्डल के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को तत्काल प्रभाव से निर्देश जारी कर दिए हैं।

सभी DIOS को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जनपद में गठित समितियों द्वारा अब तक की गई सभी कार्यवाहियों और रिपोर्ट से उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराएं, ताकि 29 जून की बैठक में फाइनल रिपोर्ट मण्डलायुक्त के समक्ष पेश की जा सके।

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