प्रभु श्रीराम का हनुमान मिलन और सुग्रीव मित्रता देख भाव-विभोर हुए दर्शक
गोण्डा।
मालवीय नगर में चल रही भव्य रामलीला के सप्तम दिवस पर नटराज रामलीला मंडल द्वारा प्रभु श्रीराम का हनुमान जी से मिलन, सुग्रीव से मित्रता और लंका दहन का रोमांचक मंचन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान राम और लक्ष्मण के सीता जी की खोज में ऋष्यमूक पर्वत पहुँचने से हुई, जहाँ ब्राह्मण रूप धारण कर आए हनुमान जी ने प्रभु से भेंट की। तत्पश्चात हनुमान जी ने श्रीराम और सुग्रीव के बीच मित्रता कराई तथा बाली वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया।
इसके बाद कथा का अगला प्रसंग हनुमान जी द्वारा लंका पहुँचकर माता सीता से मिलन का रहा। हनुमान जी ने प्रभु श्रीराम की अंगूठी देकर माता सीता को संदेश दिया और राक्षसों को अपना पराक्रम दिखाने हेतु लंका दहन कर दिया। इस दृश्य को मंचित करते समय आतिशबाज़ी के बीच लंका का दहन किया गया, जिसे देखकर पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा और दर्शक भाव-विभोर हो गए।
समिति अध्यक्ष अनिल सिंह ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर हरीश शुक्ल, धीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय, अमर किशोर कश्यप, संजय तिवारी, गोपेश श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
