मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश: फायर सर्विस को आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू और अत्याधुनिक सेवाओं के रूप में विकसित करें
प्रमुख निर्देश एवं सुधार
आधुनिकीकरण और विशेषीकृत इकाइयाँ
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अत्याधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित जनशक्ति: मुख्यमंत्री ने फायर सर्विस को नवीनतम उपकरणों और प्रशिक्षित जनशक्ति से सुसज्जित करने के निर्देश दिए।
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स्पेशलाइज्ड यूनिट: विभागीय कैडर रिव्यू की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए निर्देश दिए गए कि प्रत्येक रीजन (क्षेत्र) में विशेषीकृत इकाइयाँ (Specialized Units) गठित की जाएँ। ये इकाइयाँ केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं और सुपर हाईराइज बिल्डिंग जैसी चुनौतियों से निपटने में सक्षम होंगी।
प्रशासनिक क्षमता और वित्तीय पारदर्शिता
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अकाउण्ट कैडर: विभाग की प्रशासनिक क्षमता और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए प्रत्येक जनपद में अकाउण्ट कैडर स्थापित किया जाए।
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प्रशिक्षण की गुणवत्ता: राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित किए जाएँ, ताकि प्रशिक्षण और अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।
नए पदों का सृजन
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभाग में नए पदों के सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है:
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राजपत्रित संवर्ग: 98 नए पद
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अराजपत्रित संवर्ग: लगभग 922 नए पद
इन नए पदों से जनपद, क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर पर फायर सर्विस की कार्यक्षमता और जनसेवा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
त्वरित आपातकालीन सेवाएँ
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प्रत्येक जिले में उपलब्धता: मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले में फायर एवं आपात सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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एक्सप्रेस-वे पर चौकी: एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं को देखते हुए, निर्देश दिए गए कि प्रत्येक 100 किलोमीटर की दूरी पर फायर टेंडर सहित एक छोटी फायर चौकी स्थापित की जाए। इसका उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन आवर (दुर्घटना के बाद का महत्वपूर्ण समय) के भीतर राहत व बचाव कार्य शुरू करना है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फायर सर्विस जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से सीधा जुड़ा विभाग है, इसलिए इसकी संरचना हर परिस्थिति में त्वरित, कुशल और उत्तरदायी प्रतिक्रिया देने में सक्षम होनी चाहिए। उन्होंने विभाग के पुनर्गठन की प्रक्रिया को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर नई ऑपरेशनल इकाइयों के रूप में अग्निशमन सेवाओं की समुचित जनशक्ति पहले ही तैनात की जा चुकी है।
